डोनाल्ड ट्रंप, जोहरान ममदानी (फोटो- सोशल मीडिया) 
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ईरान में जीते, अपने ही घर में हारे ट्रंप, इस मुस्लिम नेता ने बढ़ाई टेंशन

जोहरान ममदानी ने 2020 में अपना पहला चुनाव लड़ा था। ममदानी की मां मीरा नायर हैं। मीरा नायर भारत की प्रसिद्ध फिल्म निर्माता और निर्देशक हैं। उन्होंने सलाम बॉम्बे और मानसून वेडिंग जैसी फिल्में बनाई हैं।

अक्षय साहू

न्यूयॉर्क: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में ईरान और ईजराइल के बीच सीजफायर करवाया। ट्रंप ने इसे दुनिया के सामने अपनी जीत की तरह पेश किया। लेकिन इसी बीच उनकी पार्टी न्यूयॉर्क सिटी का मेयर हार गई। इससे ट्रंप को बड़ा झटका लगा। वह इससे इतने गुस्से हुए कि उन्होंने चुनाव जीतने वाले नेता जोहरान ममदानी पर हमला बोल दिया।

ट्रंप ने ममदानी की जीत पर हमला बोला। उन्होंने विपक्षी पार्टी डेमोक्रेट्स पर आरोप लगाया कि उन्होंने सारी सीमाएं पार कर ली हैं। ट्रंप ने ममदानी को कम्युनिस्ट और पागल करार दिया। इसके अलावा ट्रंप ने गुस्से में ममदानी पर नस्लीय टिप्पणी भी की। ट्रंप ने कहा कि वह खराब दिखता है। वह बहुत होशियार नहीं है। जो लोग उसका समर्थन कर रहे हैं, वे सभी बेवकूफ हैं।

ममदानी कम्युनिस्ट-पागल: ट्रंप

ट्रंप ने कहा, डेमोक्रेट्स ने सीमा पार कर ली है। जोहरान ममदानी, एक 100% कम्युनिस्ट पागल, ने अभी-अभी डेमोक्रेटिक प्राइमरी जीती है, और मेयर बनने की राह पर है। उन्होंने कहा, हमारे पास पहले भी कट्टरपंथी वामपंथी थे, लेकिन यह थोड़ा हास्यास्पद हो रहा है। वह भयानक दिखता है, वह बहुत होशियार नहीं है, उसके पास AOC+3 है, सभी बेवकूफ हैं, जो उसका समर्थन कर रहे हैं, और यहाँ तक कि हमारे महान फिलिस्तीनी सीनेटर, क्रायिन चक शूमर भी उसके आगे झुक रहे हैं।

कौन हैं जोहरान ममदानी?

जोहरान ममदानी का जन्म 18 अक्टूबर 1991 को युगांडा की राजधानी कम्पाला में हुआ था। वह न्यूयॉर्क सिटी में बड़े हुए। जब वह सिर्फ सात साल के थे, तब अपने माता-पिता के साथ न्यूयॉर्क आ गए थे। उनके पिता मोहम्मद ममदानी कोलंबिया यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर रह चुके हैं, जबकि मां मीरा नायर भारत की प्रसिद्ध फिल्म निर्माता और निर्देशक हैं। मीरा नायर ने सलाम बॉम्बे और मानसून वेडिंग जैसी चर्चित फिल्में बनाई हैं। BRICS 2025 में नहीं दिखेंगे दो दिग्गज नेता, क्या डर या कूटनीति बनी दूरी की वजह?

ममदानी का राजनीतिक सफर

ममदानी ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत वर्ष 2020 में की थी। उन्होंने न्यूयॉर्क स्टेट असेंबली के 36वें डिस्ट्रिक्ट से डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। इस ऐतिहासिक जीत के साथ वे न्यूयॉर्क स्टेट असेंबली में न सिर्फ पहले दक्षिण एशियाई, बल्कि पहले सोशलिस्ट प्रतिनिधि भी बने। यदि वे न्यूयॉर्क के मेयर चुने जाते हैं, तो वे इस पद पर पहुंचने वाले पहले भारतीय मूल के व्यक्ति और पहले मुस्लिम भी होंगे।

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