अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के उप विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी फोटो (सोर्स- AI)
विदेश

होर्मुज बनेगा अमेरिकी क्षेत्र… ट्रंप के बयान पर ईरान का पलटवार, कहा- खोखली धमकियों से नहीं डरते

Hormuz Strait War: डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को हराने के बाद होर्मुज स्ट्रेट को अमेरिकी क्षेत्र घोषित करने के कड़े बयान पर ईरान ने तीखा पलटवार करते हुए धमकियों को सिरे से खारिज किया।

प्रिया सिंह

US Hormuz Strait Territory: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फिर ईरान के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार किया है। उन्होंने दावा किया कि ईरान को हराने के बाद वे होर्मुज स्ट्रेट को अमेरिकी क्षेत्र घोषित करेंगे। उनके इस बयान से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़ा भू-राजनीतिक तनाव चरम पर पहुंच गया है।

ईरान ने ट्रंप के इस कड़े बयान पर बहुत ही तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। ईरान के उप विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी ने सोशल मीडिया पर कहा कि होर्मुज जलमार्ग हमेशा से ईरान का था और रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसे किसी चुनावी भाषण या विमानवाहक पोत के माध्यम से कब्जा नहीं किया जा सकता है।

ट्रंप ने न्यूयॉर्क रैली में कही बड़ी बात

ट्रंप ने न्यूयॉर्क में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि अगर लोगों को पेट्रोल के लिए थोड़ी अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है, तो उन्हें याद रखना चाहिए कि यह एक देश को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने की कीमत है। उन्होंने ईरान को 'बहुत खतरनाक देश' बताया और कहा कि अमेरिका पूरी दुनिया के लिए काम कर रहा है।

होर्मुज स्ट्रेट का रणनीतिक महत्व

रणनीतिक रूप से होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील समुद्री मार्गों में से एक गिना जाता है। वैश्विक तेल और एलएनजी (LNG) आपूर्ति का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा इसी संकरे रास्ते से होकर गुजरता है। इसलिए इस क्षेत्र में तनाव बढ़ने का सीधा असर वैश्विक ऊर्जा बाजार और तेल आपूर्ति पर पड़ता है।

इस बढ़ते हुए तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में पहले से ही साफ दिखाई देने लगा है। वर्तमान में ब्रेंट क्रूड की कीमतें 90 डॉलर प्रति बैरल के काफी करीब पहुंच गई हैं, जबकि अमेरिका में पेट्रोल की कीमतें लगभग 4 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच चुकी हैं, जिससे आम जनता पर काफी दबाव बढ़ गया है।

ईरान का पलटवार और कूटनीतिक रुख

ईरान के उप विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी ने सोशल मीडिया पर ट्रंप के दावों का कड़ा खंडन करते हुए कहा कि होर्मुज स्ट्रेट को किसी चुनावी भाषण, ट्वीट या विमानवाहक पोत के माध्यम से हासिल नहीं किया जा सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान किसी भी तरह की धमकियों या शक्ति प्रदर्शन से डरने वाला नहीं है।

ग़रीबाबादी ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट के संचालन से जुड़े सभी फैसले पूरी तरह से ईरान की संप्रभुता के तहत ही लिए जाएंगे। जानकारों का मानना है कि अगर इस क्षेत्र में लंबी अस्थिरता बनी रहती है, तो इससे पूरी दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति व्यवस्था गंभीर रूप से प्रभावित हो सकती है।

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