मेडागास्कर में चक्रवात गेजानी का कहर, 59 लोगों की मौत (सोर्स- सोशल मीडिया) 
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मेडागास्कर में चक्रवात गेजानी का कहर, 59 लोगों की मौत और भारी तबाही के बाद राहत कार्य हुए तेज

Madagascar Disaster Relief: मेडागास्कर में चक्रवात से 59 मौतें हुई हैं और 4.2 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। सरकार ने राष्ट्रीय आपदा घोषित की है और संयुक्त राष्ट्र ने राहत के लिए 30 लाख डॉलर की मदद दी है।

प्रिया सिंह

Impact Of Cyclone Gamane In Madagascar: मेडागास्कर में आए भीषण चक्रवात गेजानी ने देश के पूर्वी और मध्य हिस्सों में भारी तबाही मचाई है जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी के अनुसार इस प्राकृतिक आपदा ने हजारों परिवारों को बेघर कर दिया है और बुनियादी ढांचे को गहरा नुकसान पहुंचाया है। सरकार ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पूरे देश में राष्ट्रीय आपदा की स्थिति घोषित कर दी है ताकि राहत कार्यों को गति दी जा सके। अब अंतरराष्ट्रीय समुदाय और संयुक्त राष्ट्र की मदद से प्रभावित इलाकों में बचाव और पुनर्वास का काम युद्ध स्तर पर शुरू किया गया है।

जानमाल का भारी नुकसान

मेडागास्कर के राष्ट्रीय जोखिम और आपदा प्रबंधन कार्यालय ने सोमवार को जानकारी दी कि चक्रवात गेजानी के कारण अब तक मरने वालों की कुल संख्या 59 तक पहुंच गई है। इस भयानक आपदा में लगभग 804 लोग घायल हुए हैं और देश के पांच क्षेत्रों के 25 जिलों में रहने वाले 4.2 लाख से अधिक लोग इससे बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। रिपोर्ट के अनुसार करीब 49,000 से अधिक मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं जबकि 25,000 से अधिक घर इस चक्रवात की भीषण चपेट में आकर पूरी तरह से तबाह हो चुके हैं।

राष्ट्रीय आपदा की घोषणा

मडागास्कर की सरकार ने 11 फरवरी को चक्रवात के कारण हुई व्यापक तबाही और भारी जनहानि के मद्देनजर औपचारिक रूप से ‘राष्ट्रीय आपदा की स्थिति’ घोषित करने का बड़ा निर्णय लिया है। भीषण बाढ़ और लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने देश की आर्थिक स्थिति को और भी गंभीर बना दिया है जिससे स्थानीय समुदायों का विस्थापन एक बड़ी चुनौती बन गया है। चक्रवात गेज़ानी ने पहले से ही तबाही मचा चुके चक्रवात फितिया के ठीक बाद आकर स्थिति को और भी भयावह और अनियंत्रित बना दिया है जिससे प्रशासन की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

संयुक्त राष्ट्र की सहायता

मानवीय संकट को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र ने पिछले गुरुवार को घोषणा की कि उसने आपात राहत कार्यों के लिए मेडागास्कर को 30 लाख अमेरिकी डॉलर की राशि आवंटित की है। यह वित्तीय सहायता केंद्रीय आपातकालीन प्रतिक्रिया कोष से दी गई है जिसका उद्देश्य क्षेत्र के 90,000 से अधिक जरूरतमंद लोगों की तत्काल मदद करना और उन्हें जरूरी सुविधाएं पहुंचाना है। अन्य अंतरराष्ट्रीय दाताओं से प्राप्त होने वाली अतिरिक्त धनराशि से भी प्रभावित जिलों में चल रहे राहत कार्यों और पुनर्निर्माण की प्रक्रिया को काफी अधिक गति प्राप्त हुई है।

विस्थापन और बुनियादी ढांचा

प्रारंभिक रिपोर्टों से पता चलता है कि लगभग 7,000 लोग विस्थापित होकर अस्थाई शिविरों में रहने को मजबूर हैं और 65,000 से अधिक घरों में बाढ़ का पानी भर चुका है। चक्रवात के कारण घरों के नष्ट होने के साथ-साथ लोगों की आजीविका के साधनों को भी भारी क्षति पहुंची है जिससे सामान्य जनजीवन की बहाली में काफी समय लगने का अनुमान है। मेडागास्कर की सरकार अब प्रभावित आबादी को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और उन्हें बुनियादी सुविधाएं प्रदान करने के लिए विभिन्न अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रही है।

शिक्षा व्यवस्था पर बुरा प्रभाव

प्राकृतिक आपदा का असर केवल घरों तक सीमित नहीं रहा है बल्कि शिक्षा क्षेत्र पर भी इसका बहुत बुरा असर पड़ा है क्योंकि करीब 600 कक्षाएं आंशिक या पूरी तरह नष्ट हो गई हैं। कक्षाओं के उपयोग के लायक न रहने के कारण हजारों बच्चों की पढ़ाई बाधित हुई है और स्कूलों की इमारतों को फिर से खड़ा करना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती है। सरकार और मानवीय सहायता समूह अब प्राथमिकता के आधार पर इन स्कूलों की मरम्मत करने की योजना बना रहे हैं ताकि बच्चों की शिक्षा दोबारा शुरू हो सके।

खाद्य आपूर्ति और चावल वितरण

मेडागास्कर सरकार ने वर्तमान स्थिति से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहायता की पुरजोर अपील की है और वह स्वयं खोज, बचाव तथा निकासी अभियानों का कुशलतापूर्वक नेतृत्व कर रही है। संयुक्त राष्ट्र और उसकी सहयोगी संस्थाओं के सक्रिय सहयोग से प्रभावित आबादी के बीच लगभग 800 मीट्रिक टन चावल का वितरण बहुत ही तेजी से किया जा रहा है। इस खाद्य सहायता का उद्देश्य उन परिवारों को राहत पहुंचाना है जिन्होंने चक्रवात और बाढ़ के कारण अपना सारा जमा राशन और फसलें पूरी तरह से खो दी हैं।

नुकसान का सटीक आकलन

प्रभावित इलाकों में प्रशासन द्वारा नुकसान का सटीक आकलन लगातार किया जा रहा है ताकि भविष्य में पुनर्वास की योजनाओं को सही तरीके और पारदर्शिता से लागू किया जा सके। सरकारी एजेंसियां अब मलबे को साफ करने और क्षतिग्रस्त सड़कों को फिर से जोड़ने के काम में जुटी हैं ताकि दूरदराज के गांवों तक सहायता सामग्री पहुंचाई जा सके। मानवीय मामलों के समन्वय के लिए संयुक्त राष्ट्र कार्यालय (ओसीएचए) भी मेडागास्कर की सरकार के साथ मिलकर हर संभव तकनीकी और वित्तीय मदद सुनिश्चित करने में लगा है।

भविष्य की सुरक्षा चुनौतियां

जलवायु परिवर्तन के कारण मेडागास्कर जैसे द्वीपीय देशों पर चक्रवातों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है जिससे निपटने के लिए अब दीर्घकालिक सुरक्षात्मक उपायों की सख्त जरूरत महसूस की जा रही है। सरकार का मानना है कि भविष्य में ऐसी आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए बुनियादी ढांचे को और अधिक मजबूत और लचीला बनाना अनिवार्य हो गया है। फिलहाल पूरी मशीनरी का ध्यान केवल प्रभावित लोगों को सुरक्षित रखने और उन्हें इस गहरे संकट से बाहर निकालने पर केंद्रित है ताकि जनजीवन सामान्य हो सके।

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