चीन ने रियूजेबल स्पेसक्राफ्ट लॉन्च किया, फोटो (सो. सोशल मीडिया) 
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मस्क के वर्चस्व को चुनौती, चीन ने सफलतापूर्वक लॉन्च रियूजेबल स्पेसक्राफ्ट, SpaceX के लिए खतरे की घंटी!

China Reusable Rocket Launch: चीन ने शनिवार को लॉन्ग मार्च-2F रॉकेट के जरिए सफलतापूर्वक एक रियूजेबल स्पेसक्राफ्ट लॉन्च किया है, जिससे अब सैटेलाइट लॉन्चिंग की लागत कम होगी और स्पेसएक्स को टक्कर मिलेगी।

अमन उपाध्याय

China Reusable Experimental Spacecraft: अंतरिक्ष की रेस में चीन ने एक बार फिर दुनिया को चौंका दिया है। शनिवार, 7 फरवरी 2026 को चीन ने उत्तर-पश्चिमी चीन के जियुक्वान सैटेलाइट लॉन्च सेंटर से एक रियूजेबल एक्सपेरिमेंटल स्पेसक्राफ्ट (दोबारा इस्तेमाल होने वाला अंतरिक्ष यान) को सफलतापूर्वक लॉन्च किया। इस मिशन के लिए चीन के भरोसेमंद लॉन्ग मार्च-2F कैरियर रॉकेट का इस्तेमाल किया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह उपलब्धि चीन के लिए भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों में 'मील का पत्थर' साबित होगी।

कैसे काम करता है यह 'जादुई' रॉकेट?

आमतौर पर रॉकेट एक बार इस्तेमाल होने के बाद नष्ट हो जाते हैं या समुद्र में गिर जाते हैं लेकिन चीन की यह नई तकनीक अलग है। यह स्पेसक्राफ्ट लॉन्च के समय पारंपरिक रॉकेट की तरह ऊपर जाता है और अपनी कक्षा में पेलोड छोड़ने के बाद वापस धरती के वायुमंडल में प्रवेश करता है। वापसी के दौरान इसके इंजनों को फिर से चालू करके गति को नियंत्रित किया जाता है और यह किसी हवाई जहाज की तरह रनवे पर या वर्टिकल मोड में एक निश्चित पैड पर सुरक्षित लैंड करता है। इससे एक ही रॉकेट को बार-बार इस्तेमाल करना संभव हो जाता है जिससे मिशन की लागत में भारी कमी आती है।

एलन मस्क की SpaceX को सीधी टक्कर

इस सफल मिशन के साथ चीन अब अमेरिकी कंपनी SpaceX को सीधी टक्कर देने की स्थिति में आ गया है। अब तक रियूजेबल रॉकेट तकनीक में स्पेसएक्स का दबदबा था लेकिन अब चीन भी उसी लीग में शामिल हो गया है। इस तकनीक की वजह से सैटेलाइट लॉन्च करने का खर्च कई गुना कम हो जाएगा जिससे छोटे देशों और निजी कंपनियों के लिए भी अंतरिक्ष तक पहुंच आसान हो जाएगी। इसके अलावा, इससे अंतरिक्ष में मलबे की समस्या भी कम होगी क्योंकि रॉकेट के हिस्से वहां लावारिस नहीं गिरेंगे।

शांतिपूर्ण मिशन या 'स्पेस वॉर' की तैयारी?

हालांकि चीन का दावा है कि इस मिशन का उद्देश्य अंतरिक्ष के शांतिपूर्ण उपयोग के लिए तकनीकी सहायता तैयार करना है लेकिन वैश्विक रक्षा विशेषज्ञ इसे अलग नजरिए से देख रहे हैं। जानकारों का मानना है कि रियूजेबल स्पेसक्राफ्ट की मदद से कोई भी देश बहुत कम समय और लागत में अपने जासूसी सैटेलाइट अंतरिक्ष में भेज सकता है। इससे ग्लोबल स्पेस पॉलिटिक्स में चीन का दबदबा बढ़ेगा और सामरिक दृष्टि से यह उसे बहुत शक्तिशाली बना देगा।

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