Canada Wildfires Smoke in US: कनाडा इस समय कुदरत के भीषण प्रकोप का सामना कर रहा है। देश भर के जंगलों में लगी आग अब पूरी तरह से बेकाबू हो चुकी है, जिससे न केवल कनाडा बल्कि पड़ोसी देश अमेरिका में भी स्वास्थ्य संकट गहरा गया है।
खबर के मुताबिक, देश में 850 से ज्यादा जगहों पर आग धधक रही है, जिसमें उत्तरी ओंटारियो सबसे अधिक प्रभावित इलाका बनकर उभरा है।
कनाडाई वाइल्डलैंड फायर इंफॉर्मेशन सिस्टम ने बतााया है कि देशभर में 858 सक्रिय वाइल्डफायर दर्ज की गई हैं, जिनमें से 111 आग अभी भी पूरी तरह से नियंत्रण से बाहर हैं। इस प्राकृतिक आपदा की चपेट में अब तक 9 लाख हेक्टेयर से अधिक ज़मीन आ चुकी है। गर्म और शुष्क मौसम ने आग की गति को और तेज़ कर दिया है, जिससे फायरफाइटर्स के लिए स्थिति को संभालना चुनौतीपूर्ण हो गया है।
ओंटारियो प्रांत के उत्तरी हिस्सों में वर्तमान में 180 से अधिक सक्रिय आग जल रही हैं। आर्मस्ट्रॉन्ग और कई 'फर्स्ट नेशन' समुदायों जैसे लैक ला क्रोइक्स, व्हाइटसैंड और गॉल बे में लोगों को तुरंत घर खाली करने के आदेश दिए गए हैं। नमयगुसिसगागुन में आग की रफ्तार इतनी तेज़ थी कि कई घर और सामुदायिक इमारतें देखते ही देखते राख हो गईं।
यहां के लोग अपनी जान बचाने के लिए नावों का सहारा लेकर सुरक्षित स्थानों पर भागने को मजबूर हुए हैं। आर्मस्ट्रॉन्ग की निवासी डायने लेबोर्न ने बताया कि धुआं इतना घना था कि सांस लेना दूभर हो गया और उन्हें आधी रात को अपना घर छोड़ना पड़ा।
जंगलों की इस आग का असर केवल स्थानीय समुदायों तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे निकलने वाला जहरीला धुआं अब टोरंटो समेत कई बड़े शहरों की आबोहवा बिगाड़ रहा है। टोरंटो की हवा इतनी खराब हो चुकी है कि इसे दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में शामिल किया गया है।
यह धुआं अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर अमेरिका के मिशिगन, विस्कॉन्सिन, न्यूयॉर्क और पेंसिल्वेनिया जैसे राज्यों में भी फैल गया है, जिससे वहां भी आसमान में धुंध छाई हुई है। एनवायरनमेंट कनाडा ने चेतावनी जारी करते हुए बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों को घरों के अंदर रहने की सलाह दी है।
यह भी पढ़ें:- US की कार्रवाई का ईरान ने दिया करारा जवाब, बहरीन-कुवैत पर ताबड़तोड़ हवाई हमले; खाड़ी देशों में मचा हड़कंप
इस भीषण आपदा के बीच ओंटारियो सरकार की तैयारियों पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रीन पार्टी के नेता माइक श्राइनर ने वाइल्डलैंड फायरफाइटिंग बजट में की गई कटौती को लेकर चिंता जताई है और संसाधनों को बढ़ाने की मांग की है। हालांकि, सरकार का दावा है कि उन्होंने इमरजेंसी फायर मैनेजमेंट में बड़ा निवेश किया है और नए फायर कर्मचारियों की भर्ती की जा रही है। वर्तमान में सुरक्षा के मद्देनज़र कई हाईवे बंद कर दिए गए हैं और प्रभावित क्षेत्रों में Restricted Fire Zones लागू किए गए हैं।