California protest against ICE enforcement: अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य में इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) के विरुद्ध जन-आक्रोश फूट पड़ा है, जिससे कई प्रमुख शहरों की रफ्तार थम गई है। राजधानी सैक्रामेंटो से लेकर लॉस एंजिल्स तक हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतरकर इस एजेंसी को पूरी तरह खत्म करने की मांग कर रहे हैं। 'आईसीई आउट फॉर गुड' नामक इस आंदोलन ने हाल की हिंसक घटनाओं और प्रवासियों के प्रति बढ़ते कड़े रुख के बीच सुरक्षा और मानवाधिकारों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मानवाधिकार संगठनों के नेतृत्व में हो रहा यह विरोध प्रदर्शन अब एक व्यापक राजनीतिक और सामाजिक लड़ाई का रूप ले चुका है।
कैलिफोर्निया में यह उग्र प्रदर्शन दो हालिया दुखद घटनाओं के बाद शुरू हुआ है जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। पहली घटना मिनियापोलिस की है जहां एक संघीय अधिकारी ने तीन बच्चों की मां रेनी गुड की गोली मारकर हत्या कर दी थी। दूसरी घटना ओरेगन के पोर्टलैंड की है जहां एक अधिकारी की गोलीबारी में दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए, जिससे जनता का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया।
लॉस एंजिल्स के पासाडेना सिटी हॉल के बाहर करीब 500 से अधिक लोग इकट्ठा हुए और कार के हॉर्न बजाकर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों ने 'नो आईसीई, नो फासीवादी अमेरिका' जैसे कड़े नारे लगाए और प्रवासी समुदायों के प्रति एकजुटता प्रदर्शित की। 50501 मूवमेंट के अनुसार साल 2025 में अब तक ICE की हिरासत में 32 लोगों की मौत हो चुकी है, जो एक चिंताजनक आंकड़ा है।
ऑस्ट्रेलिया से आई एक प्रवासी महिला जेनी ने इन प्रदर्शनों में शामिल होकर ICE को आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया। उनका कहना है कि यह एजेंसी अमेरिकी संविधान के 14वें संशोधन समेत कई मौलिक अधिकारों का सरेआम उल्लंघन कर रही है। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि देश में रहने वाले हर व्यक्ति के संवैधानिक अधिकारों की गारंटी होनी चाहिए और भय का माहौल खत्म होना चाहिए।
सामाजिक कार्यकर्ता डायस एलन ने जनता से अपील की है कि वे इस देश की व्यवस्था को बदलने के लिए इस लड़ाई में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शन केवल एक नीति का विरोध नहीं है बल्कि एक निर्दोष महिला की मौत पर शोक और न्याय की पुकार भी है। अमेरिकन सिविल लिबर्टीज यूनियन जैसे संगठन अब कानूनी रूप से भी इन एजेंसियों की जवाबदेही तय करने के लिए दबाव बना रहे हैं।
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ICE के खिलाफ यह विरोध प्रदर्शन पिछले एक साल से अमेरिका के सभी 50 राज्यों में समय-समय पर आयोजित किए जाते रहे हैं। प्रवासियों में बढ़ता डर और कानून प्रवर्तन अधिकारियों की आक्रामकता ने एक गहरे अविश्वास की खाई पैदा कर दी है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या अमेरिकी सरकार इन एजेंसियों की कार्यप्रणाली में कोई बड़ा सुधार करती है या विरोध की यह ज्वाला और तीव्र होगी।