कैलिफोर्निया में शोर मचाने वाले विज्ञापनों पर बैन, फोटो (सो. सोशल मीडिया) 
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अब चैन से देखिए शो... कैलिफोर्निया में शोर मचाने वाले विज्ञापनों पर बैन, नया कानून लागू

California loud ads law: कैलिफोर्निया सरकार ने अब टीवी विज्ञापनों की तेज आवाज पर रोक लगा दी है। नए कानून के तहत, किसी भी विज्ञापन की आवाज उस टीवी शो या कार्यक्रम की आवाज से ज्यादा नहीं हो सकेगी।

अमन उपाध्याय

California News Hindi: कैलिफोर्निया सरकार ने सोमवार को नया कानून लागू किया है, जिसके तहत अब टीवी पर आने वाले तेज और शोरगुल वाले विज्ञापनों पर रोक लगा दी गई है। अब से टीवी विज्ञापनों की आवाज़ उस कार्यक्रम की आवाज से ज़्यादा नहीं होगी, जिससे दर्शकों को अचानक तेज आवाज से असुविधा न हो।

कई दर्शकों का कहना था कि टीवी पर आने वाले विज्ञापनों की आवाज उन कार्यक्रमों या फिल्मों से कहीं ज्यादा तेज होती है, जिन्हें वे देख रहे होते हैं। उदाहरण के तौर पर, जब कोई दर्शक आराम से कोई डॉक्यूमेंट्री देख रहा होता है, तो अचानक विज्ञापन आने पर आवाज इतनी ऊंची हो जाती है कि उसे तुरंत रिमोट से वॉल्यूम कम करना पड़ता है। इन्हीं शिकायतों को ध्यान में रखते हुए कैलिफोर्निया सरकार ने नया कानून लागू किया है।

ऑनलाइन स्ट्रीमिंग सर्विसेज पर लागू होगा नियम

पहले जो नियम बने थे, वे सिर्फ ब्रॉडकास्ट यानी टीवी चैनल्स और केबल सर्विस प्रोवाइडर्स तक सीमित थे। लेकिन अब नया कानून नेटफ्लिक्स, हुलु जैसे सभी डिजिटल स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स पर भी लागू होगा। यानी अब ऑनलाइन स्ट्रीमिंग सर्विसेज को भी अपने विज्ञापनों की आवाज को नियंत्रित रखना पड़ेगा। पुराना नियम साल 2010 में लाया गया था, जो केवल केबल टीवी के लिए मान्य था।

नए कानून को मंजूरी मिल गई मंजूरी

कैलिफोर्निया के गवर्नर गैविन न्यूसम ने एक नए कानून को मंजूरी दी है, जिसके तहत टीवी और स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स को अपने विज्ञापनों की आवाज का स्तर 1 जुलाई 2026 तक नियंत्रित करना होगा। यानी अब विज्ञापन की आवाज उस शो या कार्यक्रम के बराबर या उससे कम रखनी होगी, जिसे दर्शक देख रहे हैं।

दर्शकों की सुविधा को देखते हुए लिया गया बना नियम

गवर्नर न्यूसम ने कहा कि लोगों की यह स्पष्ट मांग थी कि विज्ञापनों की आवाज शो की तुलना में बहुत तेज़ न हो। इस कदम से अब टीवी देखने का अनुभव और अधिक सहज और शांतिपूर्ण होगा। मोशन पिक्चर एसोसिएशन ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह दर्शकों की सुविधा को ध्यान में रखकर उठाया गया एक सराहनीय कदम है। यह बदलाव न सिर्फ दर्शकों के लिए, बल्कि पूरे मनोरंजन और तकनीकी उद्योग के लिए भी एक सकारात्मक दिशा में कदम है।

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