ब्राजील में COP30 जलवायु सम्मेलन में लगी आग (सोर्स- सोशल मीडिया) 
विदेश

COP30 जलवायु शिखर सम्मेलन स्थल पर लगी आग, प्रतिनिधि सुरक्षित बाहर निकाले गए

COP30 Climate Summit: ब्राजील के बेलेम में COP30 जलवायु सम्मेलन के मुख्य स्थल (ब्लू जोन) पर भीषण आग लग गई, जिसके बाद हजारों प्रतिनिधियों को तुरंत सुरक्षित बाहर निकाला गया, 13 लोग घायल हुए।

प्रिया सिंह

Fire Erupts at COP30 Climate Summit Venue: ब्राजील के बेलेम शहर में आयोजित हो रहे संयुक्त राष्ट्र के महत्वपूर्ण COP30 जलवायु शिखर सम्मेलन में गुरुवार को एक बड़ा हादसा होते-होते बचा। बैठक के मुख्य आयोजन स्थल पर अचानक आग लगने से हजारों प्रतिनिधियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। सुरक्षा टीमों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस और भारत के पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव सहित सभी उपस्थित लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। इस घटना के कारण शिखर सम्मेलन का कार्य कुछ समय के लिए बाधित हुआ और अब इसके समय पर पूरा होने पर अनिश्चितता छा गई है।

COP30 स्थल पर बड़ा हादसा, जान बचाकर भागे हजारों लोग

जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन (UNFCCC) के तहत ब्राजील के बेलेम में चल रहे COP30 शिखर सम्मेलन के मुख्य स्थान 'ब्लू जोन' में गुरुवार दोपहर लगभग 2 बजे (स्थानीय समयानुसार) आग लग गई। इस क्षेत्र में सभी उच्च-स्तरीय बैठकें, वार्ताएं, देश-वार पवेलियन और मीडिया सेंटर स्थित हैं। आग लगने की खबर जंगल की आग की तरह फैली और धुएं के काले बादल उठते देख हजारों लोग बाहर निकलने के लिए एग्जिट डोर्स की ओर भागे। UNFCCC सचिवालय ने तुरंत परामर्श जारी कर सभी को कार्यक्रम स्थल खाली करने का निर्देश दिया। आग लगने के बाद, अस्थायी टेंट से उठते काले धुएं को कई किलोमीटर दूर से देखा जा सकता था, जो एक भयावह मंजर था।

13 लोगों को लगी चोट, मगर सभी बड़े नेता सुरक्षित

इस घटना में 13 लोगों को धुएं के कारण सांस लेने में तकलीफ हुई और उनका मौके पर ही इलाज किया गया। संयुक्त राष्ट्र COP30 प्रेसीडेंसी और UNFCCC ने एक संयुक्त बयान में इस बात की पुष्टि की और कहा कि घायलों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। आग लगने के समय संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ब्लू जोन में ही मौजूद थे। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा विभाग (UNDSS) की टीम ने बिना देर किए उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इसी तरह, भारत के पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव और भारतीय प्रतिनिधिमंडल भी ब्लू जोन में ही था, लेकिन मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि वे सभी सुरक्षित हैं।

बचाव दल की कार्रवाई

संयुक्त बयान में बताया गया कि अग्निशमन विभाग और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा अधिकारियों ने तुरंत प्रतिक्रिया दी और लगभग छह मिनट के भीतर आग पर काबू पा लिया गया। एक सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि आग से 'ग्रीन जोन' प्रभावित नहीं हुआ है, जहां विभिन्न प्रदर्शनियां लगाई जाती हैं। आग बुझने के कुछ ही मिनटों बाद, बेलेम में भारी बारिश शुरू हो गई, जिससे बाहर खुले में खड़े हजारों उपस्थित लोगों को और भी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।

परिसर खाली करने का आदेश

घटना के दौरान, कर्मचारियों की गिनती शुरू की गई, जिसमें सभी यूएनएसएमएस (संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली) संगठनों ने पुष्टि की कि उनके कर्मचारी सुरक्षित हैं। मेजबान देश के अग्निशमन प्रमुख ने पूरे परिसर को पूरी तरह से खाली कराने का आदेश दिया ताकि सुरक्षा जांच की जा सके। UNFCCC ने बाद में एक अपडेट बुलेटिन जारी किया, जिसमें बचाव दल और प्रतिनिधियों की शीघ्र निकासी के लिए सराहना की गई। उन्होंने सूचित किया कि आयोजन स्थल रात 8 बजे से पहले दोबारा नहीं खुलेगा।

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