रमेश चंद्र सेन, फोटो (सो. सोशल मीडिया) 
विदेश

बांग्लादेश: दिग्गज हिंदू नेता रमेश चंद्र सेन की हिरासत में मौत, 'जेल में हत्या' के आरोपों से मचा हड़कंप

Ramesh Chandra Sen Death: बांग्लादेश के पूर्व मंत्री और 5 बार के सांसद रमेश चंद्र सेन की हिरासत में मौत हो गई है। उनके समर्थकों ने यूनुस सरकार पर इलाज न देने और कस्टोडियल मर्डर के गंभीर आरोप लगाए है।

अमन उपाध्याय

Bangladesh Hindu Leader Ramesh Chandra Sen Custody Death: बांग्लादेश की राजनीति और हिंदू समुदाय के सबसे बड़े चेहरों में से एक, पूर्व मंत्री रमेश चंद्र सेन की शनिवार को हिरासत में मौत हो गई। 85 वर्षीय सेन आवामी लीग के वरिष्ठ नेता और पांच बार के सांसद रह चुके थे उन्होंने दिनाजपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में आज अंतिम सांस ली। उनकी मौत के बाद बांग्लादेश में मानवाधिकारों के उल्लंघन और पूर्ववर्ती शेख हसीना सरकार के नेताओं के साथ जेल में हो रहे व्यवहार को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सवाल उठने लगे हैं।

'इलाज में लापरवाही' के आरोप

रमेश चंद्र सेन लंबे समय से कई बीमारियों से जूझ रहे थे। उन्हें अगस्त 2024 में शेख हसीना सरकार के पतन के बाद गिरफ्तार किया गया था। उनके समर्थकों और सोशल मीडिया पर लोगों का आरोप है कि मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के तहत उन्हें वह चिकित्सा देखभाल नहीं दी गई जिसके वे एक पूर्व मंत्री के नाते हकदार थे। ढाका स्थित कंटेंट क्रिएटर प्रदीप कुमार चौधरी सहित कई लोगों ने इसे 'जेल में हत्या' करार दिया है।

सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीर

रमेश चंद्र सेन की गिरफ्तारी के समय की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर फिर से वायरल हो रही हैं जिसमें उनके हाथ मवेशियों को बांधने वाली रस्सियों से बंधे हुए दिखाई दे रहे हैं। उन पर हत्या सहित तीन आरोप लगाए गए थे जिन्हें आवामी लीग ने राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया है। बताया जाता है कि अगस्त 2024 में हिंसा के दौरान जब कई नेता देश छोड़कर भाग गए तब सेन अपने घर पर ही रहे क्योंकि उन्हें विश्वास था कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया है।

कौन थे रमेश चंद्र सेन?

रमेश चंद्र सेन का जन्म 30 अप्रैल 1940 को हुआ था। उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की नींव बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के दिग्गज नेता मिर्जा फख्रुल इस्लाम आलमगीर के खिलाफ मजबूती से रखी थी। वे ठाकुरगांव-1 निर्वाचन क्षेत्र से पांच बार सांसद चुने गए और 2009 से 2014 के बीच जल संसाधन मंत्री के रूप में कार्य किया। वे अपनी बेदाग छवि और मददगार स्वभाव के लिए जाने जाते थे।

अंतिम संस्कार पर भी संकट

सेन की मौत के बाद उनके परिवार की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई जा रही है। रिपोर्टों के अनुसार, उनका पूरा परिवार फिलहाल अपनी जान बचाने के लिए भाग रहा है ऐसे में उनका अंतिम संस्कार कौन और कैसे करेगा। उनकी मृत्यु ने यूनुस सरकार के तहत बांग्लादेश में विपक्ष के प्रति अपनाए जा रहे रवैये पर फिर से बहस छेड़ दी है।

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