काठमांडू के मेयर बालेन शाह (फोटो- सोशल मीडिया) 
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रैपर से बने नेता...48 घंटे में पलट दी सरकार, कौन हैं बालेन शाह, जिन्हें PM देखना चाहते हैं नेपाली

Nepal Protest: नेपाल में सोशल मीडिया बैन के खिलाफ छात्रों के विरोध ने तख्तापलट की स्थिति बना दी, प्रधानमंत्री ओली देश छोड़कर भागे, और बालेन शाह को अंतरिम प्रधानमंत्री बनाने की मांग जोर पकड़ने लगी।

अक्षय साहू

Nepal Gen Z protests: नेपाल में सोशल मीडिया पर बैन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन ने तख्तापलट कर दिया है। नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली देश छोड़कर दुबई भाग गए हैं। इसी बीच प्रदर्शन कर रहे छात्र संगठनों ने बालेन शाह को नेपाल का आंतरिम प्रधानमंत्री बनाने की मांग की है। हालांकि, ओली के पद छोड़ने के बाद सत्ता उपप्रधानमंत्री सुजाता कोइराला के पास चली गई है।

नेपाल सरकार ने हाल ही में सोशल मीडिया पर बैन लगाने का फैसला लिया था। इस फैसले से नेपाल के युवाओं पर गहरा असर पड़ा। उन्हें सरकार के फैसले को भ्रष्टाचार के खिलाफ जनता की आवाज दबाने के मकसद से लिया गया बताया गया। इसके बाद 8 सितंबर को छात्र भारी संख्या में सड़कों पर उतर आए और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने लगे। इसके बाद से ही बालेन शाह का नाम हिंसा भड़काने के आरोप में सामने आने लगा।

बालेन ने प्रदर्शनकारियों से शांति की अपील की

नेपाल में 9 सितंबर को हालात और बिगड़ गए। काठमांडू में हिंसक झड़पें हुईं, पत्थरबाजी और आगजनी की घटनाएं सामने आईं। यहां तक कि राजनीतिक नेताओं के घरों को भी निशाना बनाया गया। हालात बिगड़ते देख नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने इस्तीफा दे दिया है। लेकिन इसके बाद भी नेपाल में हिंसा रुकने का नाम नहीं ले रही है।

इसी बीच, बालेन शाह ने प्रदर्शनकारियों से शांति की अपील की है। बालेन ने कहा कि, “हमने स्पष्ट कर दिया है कि यह Gen-Z का आंदोलन है। आपके हत्यारे ने इस्तीफा दे दिया है। अब धैर्य बनाए रखें। अब हमें और आपको संयम दिखाना होगा। अब आपकी पीढ़ी को देश का नेतृत्व संभालना है।”

कौन हैं बालेन शाह?

बालेन शाह नेपाल के एक चर्चित व्यक्ति हैं। बालेन शाह काठमांडू के मेयर हैं और युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय चेहरा हैं। वे एक सिविल इंजीनियर, रैपर और स्वतंत्र सोच वाले नेता हैं, जिन्होंने बिना किसी राजनीतिक पार्टी के समर्थन के मेयर चुनाव जीता था। कहा जा रहा है कि प्रदर्शनकारियों की सोच और दिशा में बालेन शाह का प्रभाव दिखाई देता है। कुछ रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि आंदोलन उन्हीं के इशारे पर आगे बढ़ रहा है। 2023 में टाइम मैगज़ीन ने उन्हें दुनिया की 100 प्रभावशाली शख्सियतों की सूची में भी शामिल किया था। अब कई प्रदर्शनकारी यह मांग कर रहे हैं कि बालेन शाह को देश की कमान सौंपी जाए।

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