राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर (सोर्स- सोशल मीडिया) 
विदेश

फिलीपींस बाढ़ त्रासदी पर एक्शन, राष्ट्रपति बोले- भ्रष्ट नेता और व्यवसायी क्रिसमस तक जेल में होंगे

Flood Tragedy: फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने बाढ़ नियंत्रण परियोजनाओं में भ्रष्टाचार के आरोप में कई ताकतवर राजनेताओं और व्यापारियों को क्रिसमस तक जेल भेजने की कसम खाई है।

प्रिया सिंह

Philippines Flood Tragedy: फिलीपींस, जो घातक तूफानों और बाढ़ से अक्सर प्रभावित होता है, हाल ही में आए चक्रवातों के कारण भारी तबाही झेल रहा है। इस प्राकृतिक आपदा के बीच, देश भर में घटिया या गैर-मौजूद बाढ़ नियंत्रण परियोजनाओं में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का खुलासा हुआ है। जनता के भारी गुस्से और सड़कों पर हो रहे प्रदर्शनों के जवाब में राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने इस भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का ऐलान किया है। उन्होंने जोर देकर कहा है कि इस घोटाले के पीछे के ताकतवर और अमीर लोग जल्द ही सलाखों के पीछे होंगे।

फिलीपींस में भ्रष्टाचार पर राष्ट्रपति का कड़ा रुख

फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनांड मार्कोस जूनियर ने 13 नवंबर 2025 को एक सख्त बयान जारी कर देश में फैले भ्रष्टाचार के जाल पर गहरी चिंता व्यक्त की। यह बयान तब आया जब देश हाल ही में आए भीषण तूफानों के कारण आई विनाशकारी बाढ़ से जूझ रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाढ़ नियंत्रण से जुड़ी परियोजनाओं में हुए घोटाले को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

क्रिसमस से पहले जेल जाएंगे ताकतवर लोग

राष्ट्रपति मार्कोस जूनियर ने घोषणा की कि बाढ़ नियंत्रण परियोजनाओं में रिश्वतखोरी, भ्रष्टाचार और लूटपाट जैसे गैर-जमानती अपराधों के लिए कम से कम 37 ताकतवर सांसद, कांग्रेस सदस्य और अमीर बिजनेसमैन को इस क्रिसमस तक जेल भेज दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य जनता के गुस्से को शांत करना और यह दिखाना है कि कानून सबके लिए बराबर है। मार्कोस जूनियर ने बताया कि एक स्वतंत्र आयोग ने इन 37 संदिग्धों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे सिर्फ दिखावे के लिए मुकदमा नहीं करते हैं, बल्कि उनका मकसद भ्रष्ट लोगों को जेल में डालना है।

86 निर्माण कंपनियों पर भी कार्रवाई

भ्रष्टाचार की इस कार्रवाई में केवल राजनेता ही नहीं, बल्कि निर्माण कंपनियों के अधिकारी भी निशाने पर हैं। राष्ट्रपति ने बताया कि 86 निर्माण कंपनी के अधिकारियों और नौ सरकारी अधिकारियों के खिलाफ भी आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं। इन सभी पर कर चोरी कर लगभग 152 मिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 1,260 करोड़ रुपये) का गबन करने का गंभीर आरोप है। राष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि ये मुकदमे बहुत मजबूत हैं और इनका एक महत्वपूर्ण मकसद चोरी किए गए सरकारी पैसे को वापस लाना भी है।

संपत्ति जब्ती और कोई छूट नहीं

भ्रष्टाचार की जांच को और मजबूत करते हुए, सरकार की एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग काउंसिल ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। काउंसिल ने भ्रष्टाचारियों की 1671 बैंक खातों, 144 संपत्तियों, 244 वाहनों और 107 मिलियन अमेरिकी डॉलर की अन्य संपत्तियों को जब्त करने के लिए सात आदेश जारी किए हैं। राष्ट्रपति ने यह कड़ा संदेश दिया कि इस जांच से कोई भी नहीं बच पाएगा और किसी को भी कोई छूट नहीं मिलेगी, चाहे वह कितना भी ताकतवर क्यों न हो।

बाढ़ का कहर और भ्रष्टाचार का संवेदनशील मुद्दा

फिलीपींस एशिया के उन देशों में से है जो घातक तूफान और भीषण मौसम से सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं। देश भर में घटिया या गैर-मौजूद बाढ़ नियंत्रण परियोजनाओं में भ्रष्टाचार का खुलासा इसलिए भी बेहद संवेदनशील मुद्दा बन गया है। हाल ही में आए तूफान कालमेगी से कम से कम 232 लोगों की मौत हो गई, जबकि तूफान फंग-वोंग ने उत्तरी फिलीपींस में कहर बरपाया, जिसमें 27 लोगों की जान चली गई और लाखों लोग प्रभावित हुए। इस त्रासदी के बीच भ्रष्टाचार का यह खुलासा लोगों के दुख और गुस्से को और बढ़ा रहा है।

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