ब्रिटेन में प्रवासी नागरिकों के विरोध में हिंसा जारी है।  
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बांग्लादेश के बाद ब्रिटेन में बिगड़े हालात, भारतीय नागरिकों के लिए जारी हुई एडवाइजरी

जारी एडवाइजरी में भारतीय उच्चायोग ने अपने नागरिकों को सलाह दी है कि अगले कुछ समय के लिए ब्रिटेन की यात्रा न करें और अगली सूची आने का इंतजार करें। साथ ही ब्रिटेन में रहे नागरिकों को अनावश्यक घर से बाहर न निकलने की चेतावनी दी गई है।

साक्षी सिंह

लंदन: पिछले कुछ दिनों से ब्रिटेन में चल रहे बवाल और भड़कती हिंसा को देखते हुए भारतीय राजदूत ने अपने नागरिकों लिए एडवाइजरी जारी किया है। इसमें भारतीय नागरिकों को सलाह दी गई है वे कुछ समय के लिए ब्रिटेन यात्रा को स्थगित कर दें। साथ ही ब्रिटेन में रह रहे भारतीयों को चेतावनी दी गई है कि अनावश्य घर से बाहर न निकलें।

अनावश्यक घरों से न निकलें बाहर 

सोशल मीडिया साइट एक्स पर ब्रिटेन स्थित भारतीय उच्चायोग ने एक पोस्ट जारी किया है। भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। जारी एडवाइजरी में भारतीय उच्चायोग ने अपने नागरिकों को सलाह दी है कि अगले कुछ समय के लिए ब्रिटेन की यात्रा न करें और अगली सूची आने का इंतजार करें। साथ ही ब्रिटेन में रहे नागरिकों को स्थानीय समाचारों से अपडेट रहने की सलाह दी गई है। इसके अलावा अनावश्यक घर से बाहर न निकलने की चेतावनी दी गई है।

में क्यों है बवाल

बताब्रिटेन  दें कि ब्रिटेन में प्रवासी नागरिकों के विरोध में हिंसा जारी है। ब्रिटेन के कई इलाकों में करीब एक हफ्ते से ज्यादा समय बवाल चल रहा है। साउथपोर्ट में एक डांस क्लास में हुए चाकूबाजी की घटना के बाद दंगे रुकने का नाम नहीं ले रही है। इस घटना में तीन लड़कियों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हो गए थे।

पुलिस ने हिंसा के संबंध में करीब 100 लोगों को गिरफ्तार किया है। इस बीच भारत ने मंगलवार को एहतियाती कदम उठाते हुए अपने नागरिकों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है।

ऋषि सुनक ने की थी निंदा

ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने सोमवार को सोशल मीडिया साइट एक्स पर पोस्ट कर ब्रिटेन हिंसा की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन की सड़कों पर हम जो चौंकाने वाले दृश्य देख रहे हैं। उनका साउथपोर्ट में हुई त्रासदी से कोई लेना-देना नहीं है। यह हिंसक और आपराधिक व्यवहार है जिसका हमारे समाज में कोई स्थान नहीं है। सुनक ने आगे कहा कि पुलिस को इन अपराधियों से तुरंत निपटने के लिए हमारा पूरा समर्थन है और उन्हें कानून के पूरे बोझ का सामना करना चाहिए।

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