तृणमूल बिलबोर्ड विवाद सौजन्य-IANS
पश्चिम बंगाल

Kolkata: बिलबोर्ड हटाने पहुंची KMC टीम से भिड़े TMC कार्यकर्ता, 13 गिरफ्तार; अभिषेक समेत कई नेताओं पर FIR

TMC Billboard Controversy: कोलकाता में अवैध बिलबोर्ड हटाने को लेकर विवाद में 13 TMC कार्यकर्ता गिरफ्तार हुए। अभिषेक बनर्जी, डेरेक ओ'ब्रायन समेत कई पर FIR दर्ज की गई।

प्रिया जैस

TMC Abhishek Banerjee FIR: तृणमूल कांग्रेस और अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। कोलकाता पुलिस ने सेंट्रल कोलकाता के कैमक स्ट्रीट पर डायमंड हार्बर के सांसद अभिषेक बनर्जी के घर की छत से एक अवैध बिलबोर्ड हटाने को लेकर हुए विवाद के सिलसिले में तृणमूल कांग्रेस के 13 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है और तीन मामले दर्ज किए हैं।

यह विवाद गुरुवार दोपहर को शुरू हुआ और रात भर चलता रहा। शुक्रवार सुबह जारी एक बयान में कोलकाता पुलिस ने कहा कि इस मामले में दर्ज तीन मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की कई गैर-जमानती धाराएं शामिल हैं।

पुलिस स्टेशन में दर्ज तीन केस

शेक्सपियर सरणी पुलिस स्टेशन में दर्ज तीन केसों में से एक केस उसी पुलिस स्टेशन के एक पुलिस अधिकारी की शिकायत पर दर्ज किया गया। दूसरा केस पास के पार्क स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के एक पुलिसकर्मी की शिकायत पर और तीसरा केस कोलकाता नगर निगम (केएमसी) की शिकायत पर दर्ज किया गया।

शेक्सपियर सरणी पुलिस स्टेशन के अधिकारी और कोलकाता नगर निगम की शिकायतों के आधार पर दर्ज दो केसों में अभिषेक बनर्जी (पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे), तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य डेरेक ओ'ब्रायन और पार्टी नेता बैश्वानर चटर्जी समेत कई लोगों के नाम शामिल हैं।

पार्क स्ट्रीट पुलिस ने मामला किया दर्ज

वहीं, पार्क स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी की शिकायत पर तीसरा मामला अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज किया गया है।

कोलकाता पुलिस के बयान के मुताबिक, गुरुवार को केएमसी अधिकारियों ने 9 कैमक स्ट्रीट पर लगे एक अवैध होर्डिंग को हटाने के लिए लिखित रूप में पुलिस से मदद मांगी थी। इसके बाद शेक्सपियर सरणी पुलिस स्टेशन के पुलिसकर्मी नगर निगम के अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे।

शहर की पुलिस का दावा है कि जैसे ही पुलिस और केएमसी के प्रतिनिधि वहां पहुंचे, कई समर्थक वहां जमा हो गए। उन्होंने केएमसी कर्मचारियों और पुलिसकर्मियों को परिसर में घुसने से रोका और सरकारी आदेशों को लागू करने में बाधा डाली।

प्रदर्शनकारियों ने कर्मचारियों पर किया हमला

आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने वहां मौजूद पुलिस अधिकारियों और नगर निगम के कर्मचारियों पर हमला किया। यहां तक ​​कि ड्यूटी पर तैनात एक महिला पुलिस अधिकारी की पिटाई की गई और उसकी गरिमा को ठेस पहुंचाने की कोशिश भी की गई।

पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने और पुलिसकर्मियों को धमकाने का भी आरोप लगाया है। शहर की पुलिस का कहना है कि इस घटना में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

अभिषेक बनर्जी समेत अन्य नेताओं ने रोका रास्ता

अभिषेक बनर्जी, ओ'ब्रायन और उनके दूसरे साथियों ने केएमसी कर्मचारियों और पुलिसकर्मियों का रास्ता रोक दिया। डायमंड हार्बर के सांसद ने बिलबोर्ड हटाने के केएमसी के आदेश की कानूनी वैधता पर सवाल उठाया। बनर्जी ने तर्क दिया कि नोटिस अमान्य था, क्योंकि आदेश की कॉपी के साथ बिलबोर्ड की तस्वीर नहीं लगी थी।

केएमसी अधिकारी संशोधित आदेश लेने के लिए वापस चले गए। वे जल्द ही संशोधित आदेश के साथ वापस आए और इस बार पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी। इसके बाद, केएमसी अधिकारी पुलिस के साथ बिलबोर्ड हटाने के लिए सीढ़ियों से होते हुए इमारत की छत पर पहुंचे।

पुलिस और तृणमूल समर्थकों में धक्का-मुक्की

अभिषेक बनर्जी के साथियों ने सीढ़ियों पर इंसानी दीवार बनाकर उन्हें आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की। रास्ता रोकने वालों में तृणमूल की कुछ महिला कार्यकर्ता भी शामिल थीं।

पुलिस और तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों के बीच धक्का-मुक्की हुई। आखिरकार, पुलिस ने केएमसी अधिकारियों के लिए छत तक पहुंचने, बिलबोर्ड तोड़ने और उसे हटाने का रास्ता साफ कर दिया।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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