कोलकाता: वक्फ कानून के विरोध में पश्चिम बंगाल में हिंसा पर सरकार सख्त हो गई। मुर्शिदाबाद में हिंसा की घटना के बाद से हालात काफी तनावपूर्ण हो गए हैं। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) की एक टीम आज मालदा पहुंची है। टीम मुर्शिदाबाद और मालदा के हिंसा प्रभावित इलाकों का दौरा करेगी और रिपोर्ट तैयार करेगी। हिंसा प्रभावित इलाकों से काफी संख्या में लोग मालदा स्थित शिविरों में शरण लिए हुए हैं।
एनएचआरसी का एक दल पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में आज उन लोगों से मिलने पहुंचा जिन्होंने मुर्शिदाबाद जिले के हिंसा प्रभावित इलाकों से भागकर यहां शरणार्थी शिविरों में शरण ले रखी है। एनएचआरसी ने हाल में मुर्शिदाबाद में वक्फ (संशोधन) अधिनियम के विरोध में भड़की हिंसा का स्वत: संज्ञान लिया।
एनएचआरसी ने मालद के साथ ही आज कई इलाकों का दौरा किया है। हिंसा को लेकर टीम अपनी रिपोर्ट तो तैयार कर रही है, साथ ही बंगाल सरकार और पुलिस प्रशासन से भी हिंसा को लेकर तीन सप्ताह के भीतर रिपोर्ट मांगी है। मुर्शिदाबाद में शमशेरगंज, सुती, धुलियान और जंगीपुर के मुस्लिम बहुल इलाकों में हुई हिंसक झड़पों के दौरान तीन लोगों की जान चली गई थी जबकि कई घायल हुए थे। पश्चिम बंगाल की अन्य खबरों के लिए यहां क्लिक करें
मुर्शिदाबाद हिंसा में के कई जगह तोड़फोड़ के साथ आगजनी की वारदातें हुई थीं। घटना के बाद घबराए लोग अपने घरों को छोड़कर जाने के लिए मजबूर हो गए थे। मानवाधिकार आयोग ने घटना को लेकर स्वत: संज्ञान लिया और मालदा में शरणार्थियों से मिलकर हिंसा की दौरान क्या-क्या इस बारे में जानकारी ली। इसके साथ ही शिविर में लोगों को क्या समस्याएं आ रही हैं इन सब पर रिपोर्ट तैयार कर सरकार को पेश करेगी।
राज्यपाल सीवी आनंद बोस आज मुर्शिदाबाद के लिए रवाना हुए हैं। वह हिंसा प्रभावित इलाकोें का दौरा करने के साथ पीड़ितों से मिलेंगे। उन्होंने कहा था कि हिंसा पीड़ित कई महिलाएं उनसे मिलने पहुंची थी। इस दौरान उनकी कहानी सुन मैं भी विचलित हो गया था। उन्होंने कहा था कि वह मुर्शिदाबाद जाकर पीड़ितों से मिलेंगे। इसी सिलसिले में वह आज हिंसा प्रभावित इलाके का दौरा करेंगे।