Nandigram Bypoll Congress Candidate Arrested: पश्चिम बंगाल में अगले महीने 6 अक्टूबर को नंदीग्राम और रेजीनगर में उपचुनाव होने वाले हैं। इससे पहले राज्य में सियासी हलचल तेज हो गई है। शुक्रवार को पुलिस ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को एक पुराने कथित हत्याकांड के सिलसिले में गिरफ्तार किया है। उनकी गिरफ्तारी उस समय हुई जब कुछ घंटे पहले ही पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उनके समर्थन का ऐलान किया था।
ममता गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने कुछ घंटे पहले अचानक उपचुनाव से अपना नाम वापस ले लिया। जानकारी के मुताबिक, संचिता अपना नाम वापस लेने से एक दिन पहले मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मिलने पहुंची थी। संचिता के नाम वापस लेने के बाद ममता बनर्जी ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान का समर्थन करने का ऐलान किया था।
जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने प्रधान को 19 साल पुराना एक कथित हत्याकांड के मामले में गिरफ्तार किया है। मामला 2007 में नंदीग्राम में भूमि अधिग्रहण के खिलाफ हुए प्रदर्शनों के दौरान हुई एक हत्या की घटना से जुड़ा हुआ है। ममता बनर्जी के राजनीतिक करियर में 2007 में नंदीग्राम में भूमि अधिग्रहण के खिलाफ आंदोलन सबसे अहम आंदोलनों में से एक है। इस आंदोलन ने बंगाल में तृणमूल कांग्रेस को लेफ्ट फ्रंट के खिलाफ अपना प्रभाव बढ़ाने में मदद की थी, जिसने 34 साल तक पश्चिम बंगाल पर राज किया था।
ममता बनर्जी ने नंदीग्राम सीट से संचिता प्रधान के नाम वापस लेने के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कांग्रेस के समर्थन का ऐलान किया था उन्होंने कहा कि संचिता प्रधान ने नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव से अपना नामांकन इसलिए वापस लिया क्योंकि पार्टी अब कांग्रेस का समर्थन कर रही है।
उन्होंने कहा कि हमने पहले ही कांग्रेस का समर्थन करने का फैसला कर लिया था, क्योंकि उनका उम्मीदवार अच्छा है। ममता ने कांग्रेस को ‘सिस्टर पार्टी’ बताया और कहा कि यह फैसला इंडिया ब्लॉक को मजबूत करने के लिए लिया गया था। उन्होंने कहा, मेरे गुट ने पहले नंदीग्राम में कांग्रेस को समर्थन देने का फैसला कर लिया था, और यह भविष्य की शुरुआत है। इंडिया ब्लॉक को मजबूत करने का संदेश बंगाल से शुरू होना चाहिए।
बंगाल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि बनर्जी ऐलान करने के लिए स्वतंत्र हैं, लेकिन कांग्रेस ने उनसे समर्थन नहीं मांगा था। चौधरी ने कहा कि वह एक राजनीतिक नेता हैं। वह जो चाहें कह सकती हैं। लेकिन सच तो यह है कि उन्होंने एक उम्मीदवार खड़ा किया था और अब जब उनके उम्मीदवार ने नाम वापस ले लिया है, तो वह हमें समर्थन दे रही हैं। हमने उनसे समर्थन नहीं मांगा है।