Humayun Kabir Reply To Islamic Scholar Haji Mohammad Parvez Siddiqui: पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा राज्य में पशु वध पर लाए गए नए नियम पर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। गोवंश की कुर्बानी पर पूर्व टीएमसी नेता और विधायक हुमायूं कबीर ने बयान दिया था, जिसको लेकर काफी बवाल हुआ था। उनके बयान पर जारी विवाद के बीच अब हुमायूं कबीर ने अपने ऊपर उठ रहे सवालों और इस्लामिक विद्वान हाजी द्वारा गिरफ्तारी की मांग पर प्रतिक्रिया दी है।
उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति के बयान से उन्हें फर्क नहीं पड़ता और वह अपने अधिकारों को लेकर अपनी बात रखते रहेंगे। हुमायूं कबीर का कहना है कि इस मुद्दे को जरूरत से ज्यादा बढ़ाया जा रहा है।
इस्लामिक विद्वान हाजी मोहम्मद परवेज सिद्दीकी ने हुमायूं कबीर द्वारा बकरीद पर गोवंश की ही कुर्बानी देने के बयान पर आपत्ति जताते हुए कहा था कि जो लोग इस तरह कानून के खिलाफ बोलते हैं, उन्हें पकड़कर जेल में डाल देना चाहिए और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
AJUP के राष्ट्रीय अध्यक्ष और विधायक हुमायूं कबीर ने शनिवार को आईएएनएस से बातचीत के दौरान इस्लामिक विद्वान हाजी के बयान पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, वह कौन है? मुझे उसकी टिप्पणी का जवाब देने की कोई जरूरत नहीं है। वह आदमी चाहे जो भी हो, एक मुसलमान के तौर पर मेरे जो भी अधिकार हैं, संविधान ने मुझे अपने धर्म का पालन करने की अनुमति दी है।
मैं उस अनुमति का इस्तेमाल करने के लिए हर संभव प्रयास करता रहूंगा। मेरे बारे में बोलने वाला वह कौन होता है? वह इतना बड़ा आदमी नहीं है कि मुझे उसकी हर बात माननी पड़े।
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बकरीद की छुट्टी पर भी हुमायूं कबीर ने बयान दिया। उनका कहना है कि बकरीद की छुट्टी को लेकर भी बेवजह विवाद खड़ा किया जा रहा है। उनका कहना है कि यह सिर्फ एक दिन का मामला होता है और सरकार जिस दिन छुट्टी घोषित करेगी, वही मान्य होगा।
आगे उन्होंने कहा, मेरे लिए 28 तारीख को कुर्बानी है, अगर उस दिन छुट्टी रहेगी तो ठीक है। अगर सरकार आगे-पीछे छुट्टी देती है तो भी कोई दिक्कत नहीं है। अगर छुट्टी नहीं भी मिले तो उससे भी कोई बड़ी समस्या नहीं होगी।