Baruipur Prabhash Mandal Mother Refuses Dead Body: पश्चिम बंगाल के बारुईपुर में रेप और मर्डर केस के आरोपी प्रभास मंडल की पुलिस एनकाउंटर में मौत हो गई। क्राइम सीन को फिर से तैयार करने के दौरान, उसने पुलिस से हथियार छीनने की कोशिश की और उन पर गोली चला दी। आरोपी की मौत के बाद परिवार ने उसका शव लेने से इनकार कर दिया है।
पश्चिम बंगाल के बारुईपुर रेप और मर्डर केस के आरोपी प्रभास मंडल के एनकाउंटर पर मां संध्या मंडल का बड़ा बयान सामने आया है। उनकी मां का मानना है कि उनके बेटे को उसके किए की सजा मिल गई है। उन्होंने बताया कि, "दो पुलिसवाले मेरे घर आए थे। मैं उस समय सोकर उठी ही थी। उन्होंने मुझे बताया कि मेरा बेटा मर चुका है और पूछा कि क्या मैं अस्पताल जाना चाहूंगी।"
आरोपी की मां ने अपने बेटे को देखने से मना कर दिया। अस्पताल जाने को लेकर आरोपी की मां संध्या मंडल ने बताया कि, मैंने उनसे कहा कि मैं नहीं जा सकती क्योंकि मेरे पति बीमार हैं। मैंने उनसे कहा कि वे जो चाहें करें, मुझे कोई आपत्ति नहीं है। मेरे बेटे को उसके किए की सजा मिल गई है।"
अपने बेटे की करतूत जानने के बाद उसकी मां ने प्रभास का शव लेने से भी इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, "मैं उसका शव नहीं लूंगी। मैं उसका शव घर नहीं लाऊंगी। उसने कोई अच्छा काम नहीं किया था। उसने गलत काम किया और उसे उसकी सजा मिल गई। उसे मार डालो या जो चाहो करो। मुझे कोई आपत्ति नहीं है। मैं उसका शव नहीं लूंगी।"
बारुईपुर में एक लड़की से दुष्कर्म और उसके बाद उसकी हत्या करने के मामले के मुख्य आरोपियों में से एक पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। यह मुठभेड़ मई में राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सत्ता में आने के बाद इस तरह की पहली पुलिस कार्रवाई है। पुलिस की यह कार्रवाई इस घटना को लेकर बढ़ते जनाक्रोश के बीच हुई है।
आरोपी की पहचान प्रभास मंडल के रूप में हुई जिसे इस मामले में सबसे पहले गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने बताया कि कथित दुष्कर्म और हत्या से पहले मंडल को सीसीटीवी फुटेज में लड़की के साथ देखा गया था।
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पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मंडल पूछताछ के दौरान जांचकर्ताओं को कथित तौर पर गुमराह कर रहा था और जांच में सहयोग नहीं कर रहा था, जिसके कारण जांच टीम घटना की कड़ियों को जोड़ने और अपराध में उसकी भूमिका का पता लगाने के लिए उसे मंगलवार रात 12 बजकर 45 मिनट पर दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर के सूर्यपुर ले गई थी।
उन्होंने कहा, ''इसी दौरान, उसने अचानक एक पुलिसकर्मी से उसकी सरकारी पिस्तौल छीनी और भागने का प्रयास किया। मंडल ने पुलिस टीम पर एक गोली भी चलाई। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें वह घायल हो गया।'' मंडल को बारुईपुर उप-मंडल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। आरोपी मंडल की मां संध्या मंडल ने यह कहते हुए शव को लेने से इनकार कर दिया कि उसे अपने कर्मों का फल मिल गया है।