Abhishek Banerjee Attacked in Sonepur: पश्चिम बंगाल के सोनारपुर में चुनावी हिंसा में पीड़ितों के परिवारों से मिलने पहुंचे टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर भीड़ ने हमला कर दिया। मारपीट के साथ अभिषेक बनर्जी पर पत्थर भी फेंके गए। इसके बाद अभिषेक बनर्जी को हेलमेट लगाकर वहां से भागना पड़ा और पुलिस ने किसी तरह भीड़ से बाहर निकाला।
हमले के दौरान मीडिया से बात करते हुए अभिषेक बनर्जी ने कहा कि यह सब भाजपा प्रायोजित है। अभिषेक ने कहा कि देखो उन्होंने क्या किया है। यह उनके लोकतंत्र का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि एक महीना भी नहीं हुआ है, और पुलिस कहीं दिखाई नहीं दे रही है।
अभिषेक बनर्जी ने कहा कि वो मुझे मारना चाहते थे। पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई है और हम इस बारे में हाई कोर्ट को जरूर बताएंगे। उन्होंने कहा कि हम गवर्नर को भी इस बारे में बताएंगे और मैं जरूर कोर्ट जाऊंगा।
बता दें कि अभिषेक के सोनारपुर जाने से पहले, महिलाओं को हाथों में अंडे लिए खड़े देखा गया। कुछ जगहों पर भाजपा कार्यकर्ता काले झंडे लिए हुए थे और 'वापस जाओ' के नारे लगा रहे थे। इस विरोध प्रदर्शन के बीच, डायमंड हार्बर के सांसद ने चार पहिया वाहन की जगह साइकिल का इस्तेमाल किया। तभी उनको विरोध का सामना करना पड़ा।
दक्षिण 24 परगना के सोनारपुर में, कोलकाता के बेलेघाटा होते हुए, तृणमूल के महासचिव अभिषेक बनर्जी बीच में कालीघाट स्थित अपने घर गए और सीआईडी से नोटिस लिया। लेकिन डायमंड हार्बर से सांसद के सोनारपुर पहुंचने से पहले ही, भाजपा नेता और कार्यकर्ता काले झंडे लेकर सड़क पर उतर आए। उन्होंने अभिषेक के खिलाफ 'वापस जाओ' के नारे लगाने शुरू कर दिए। पटुली के पास ढलाई पुल से लेकर सोनारपुर के कामराबाद तक, भाजपा कार्यकर्ता हर जगह जमा हो गए और प्रदर्शन किया।
विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित हुए तीन सप्ताह से अधिक हो चुके हैं। शनिवार, 30 मई को अभिषेक पहली बार राजनीतिक कार्यक्रम के लिए सड़कों पर उतरे। वे दक्षिण 24 परगना के सोनारपुर दक्षिण और बेलेघाटा से तृणमूल के दो 'प्रभावित' कार्यकर्ताओं के परिवारों से मिलने गए थे। शनिवार दोपहर करीब 1:20 बजे राज्य सीआईडी की एक टीम शांतिनिकेतन के हरीश मुखर्जी रोड स्थित उनके आवास पर पहुंची।
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हालांकि, उनके घर के गार्डों और कार्यकर्ताओं ने बताया कि तृणमूल नेता अभिषेक बनर्जी और उनके परिवार का कोई भी सदस्य घर पर नहीं था। पता चला कि विधानसभा में तृणमूल विधायकों के हस्ताक्षर घोटाले की जांच के दौरान अभिषेक के घर पर छापा मारा गया था। लगभग उसी समय, तृणमूल विधायक कुणाल घोष ने बताया कि तृणमूल के महासचिव उनके घर पर थे।