India vs Abroad : विदेशों में जाकर बसने वाले भारतीयों की संख्या पिछले कुछ वर्षों में लगातार बढ़ी है। इनमें बड़ी संख्या ऐसे लोगों की है, जो नौकरी या पढ़ाई के लिए विदेश गए और बाद में वहीं बस गए। वहीं कुछ लोग बेहतर जीवनशैली और सुविधाओं की तलाश में स्थायी रूप से दूसरे देशों की नागरिकता भी ले रहे हैं।
इसी मुद्दे पर सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें न्यूजीलैंड में रहने वाली डॉली ने भारतीयों के विदेश जाने की वजहों पर चर्चा की है। वीडियो में एक शख्स का कहना है कि भारत में अगर कोई व्यक्ति 25 करोड़ रुपये का घर भी खरीद ले, तो घर से बाहर निकलते ही उसे खराब सड़कें, गड्ढे, ट्रैफिक और जगह-जगह लगे राजनीतिक पोस्टर देखने को मिल सकते हैं।
वीडियो में शख्स ने प्रदूषण और शिक्षा व्यवस्था को भी बड़ी वजह बताया। उसका कहना है कि जब किसी व्यक्ति के पास पर्याप्त पैसा हो तो वह ऐसे देश में क्यों रहना चाहेगा, जहां प्रदूषण की वजह से साफ हवा में सांस लेना मुश्किल हो।
उसने कहा कि भारत में अमीर परिवार अपने बच्चों को महंगे और बेहतर स्कूलों में पढ़ा सकते हैं, लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को समान सुविधाएं नहीं मिल पातीं। इसके मुकाबले उसने अमेरिका का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां कुछ किलोमीटर के दायरे में कई स्कूल उपलब्ध हैं और शिक्षा व्यवस्था में सभी बच्चों को बेहतर अवसर मिल सकते हैं।
हालांकि, विदेश जाकर बसने को लेकर सोशल मीडिया यूजर्स की राय बंटी हुई है। कुछ लोगों ने वीडियो में बताई गई समस्याओं को भारतीयों के विदेश जाने की बड़ी वजह माना, जबकि कई यूजर्स ने मजाकिया अंदाज में अपनी प्रतिक्रिया दी। एक यूजर ने लिखा कि जिस देश में रात एक बजे भी चाय और सिगरेट मिल जाती है, उसे छोड़ना आसान नहीं है।
वहीं कुछ लोगों ने कहा कि भारत में सुविधाओं और समस्याओं दोनों का अपना अलग अनुभव है। ऐसे में विदेश जाने का फैसला केवल पैसा या सुविधाओं पर निर्भर नहीं करता, बल्कि नौकरी, शिक्षा, सुरक्षा, जीवनशैली और भविष्य की बेहतर संभावनाएं भी इसकी बड़ी वजह हैं।