Uttarakhand BJP MLA Mahesh Jeena: उत्तराखंड के एक विधायक का विवादित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक विधायक जनता से अभद्र व्यवहार करता नजर आ रहा है। यह वीडियो उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के सल्ट विधानसभा क्षेत्र के विधायक महेश जीना का है। यह वीडियो सामने आने के बाद वे एक नए विवाद में घिर गए हैं। उन पर एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान अभद्र व्यवहार और धमकी देने के गंभीर आरोप लगे हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना स्याल्दे ब्लॉक के मालीखेत में आयोजित एक बहुउद्देशीय शिविर के दौरान घटित हुई। उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) के सोशल मीडिया प्रभारी भूपेंद्र सिंह मनराल ने विधायक महेश जीना पर गाली-गलौज और अभद्र भाषा के प्रयोग का आरोप लगाया है। मनराल के अनुसार, वे यूकेडी के ब्लॉक अध्यक्ष और पालपुर ग्राम प्रधान रविंद्र नेगी के साथ क्षेत्रीय समस्याओं को लेकर चर्चा करने के उद्देश्य से शिविर में पहुंचे थे।
उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यक्रम के बीच विधायक ने उन्हें पास बुलाया और उनसे अभद्र बातचीत की अपशब्द कहे। जब रविंद्र नेगी उनके दुर्वव्यहार का वीडियो बनाना चाहा तो ने इस पूरी घटना का वीडियो बनाना चाहा, तो विधायक ने कथित तौर पर उनका मोबाइल फोन छीनने का प्रयास भी किया।
दरअसल, भूपेंद्र सिंह मनराल अक्सर सोशल मीडिया पर क्षेत्र की समस्याओं को उठाते आए है। यही इस विवाद का मुख्य कारण भी बना। मनराल जनता की समस्याओं को सोशल मीडिया के जरिए सरकार और प्रशासन तक पहुंचाते हैं। हाल ही में उन्होंने देघाट-जौरासी मोटर मार्ग के कई दिनों तक बंद रहने का एक वीडियो शेयर किया था। प्रशासन तक वह जैसे ही पहुंचा तो संबंधित विभाग ने इस पर तुरंत एक्शन लेते हुए सड़क खुलवा दिया था।
मनराल का दावा किया कि विधायक महेश जीना इसी सक्रियता के कारण उनसे नाराज थे। वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि विधायक जीना उन्हें धमकी दे रहे है। वीडियो में विधायक महेश जीना कथित तौर पर मनराल को अपशब्दों के साथ यह कहते हुए सुनाई दे रहे हैं, "अच्छी वीडियो बनाकर डाला कर, बहुत चर्बी चढ़ गई है, उतार दूंगा, प्यार से डाल और अच्छी चीजे डाल और तू भी सून ले प्रधान"। इसके बाद उन्होंने फोन भी छीन लिया। विधायक द्वारा इस्तेमाल की गए अभद्र भाषा ने स्थिति को तनावपूर्ण बना दिया।
यह भी पढ़ें - Haridwar: कांवड़ यात्रा के दौरान बवाल; कार टच होने पर कांवड़ियों ने की तोड़फोड़, सूरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
जनता का विरोध और सुरक्षा की मांग शिविर के खत्म होते ही स्थिति अधिक तनावपूर्ण हो गई। भूपेंद्र सिंह मनराल के साथ लगभग 70 से 80 ग्रामीण विधायक महेश जीना से उनके दुर्व्यवहार का कारण पूछने के लिए पहुंचे। लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस ने ग्रामीणों को विधायक से मिलने से रोक दिया।
इस घटना के बाद, मनराल ने अपनी जान-माल की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है और प्रशासन से मांग की है कि वे इस मामले की निष्पक्ष जांच करें और जरूरी कानूनी कार्रवाई करें। यह मामला अब स्थानीय राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है और सवाल उठाया जा रहा है कि जनता की समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाना क्या कोई गलत चीज है। जबकि कई बार प्रशासन को भी इससे समस्याओं को सुलझाने में मदद मिलती है।