वायरल वीडियो के स्क3ीनशॉट। (सोर्स - सोशल मीडिया) 
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स्विट्जरलैंड घूमकर लौटी भारतीय महिला बोली- कश्मीर किसी से कम नहीं, बस सफाई में पीछे रह जाता है भारत

India vs Switzerland : स्विट्जरलैंड में 12 दिन बिताने के बाद एक भारतीय महिला ने कहा कि खूबसूरती के मामले में जम्मू-कश्मीर किसी भी तरह से स्विट्जरलैंड से कम नहीं है।

हितेश तिवारी

Kashmir Beauty : स्विट्जरलैंड की 12 दिन की यात्रा से लौटने के बाद एक भारतीय महिला का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए इस वीडियो में महिला ने कहा कि भारत, खासकर जम्मू-कश्मीर, प्राकृतिक सुंदरता के मामले में स्विट्जरलैंड से किसी भी तरह कम नहीं है।

उन्होंने बताया कि स्विट्जरलैंड की खूबसूरत वादियां और प्राकृतिक नजारे जरूर आकर्षक हैं, लेकिन भारत में भी ऐसी कई जगहें मौजूद हैं जो दुनिया के किसी भी मशहूर पर्यटन स्थल को टक्कर दे सकती हैं। महिला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर की वादियां, पहाड़ और प्राकृतिक दृश्य किसी स्वर्ग से कम नहीं हैं।

स्विट्जरलैंड से लौटी महिला ने कहा कि कश्मीर स्वर्ग जैसा खूबसूरत

हालांकि महिला ने यह भी माना कि भारत और स्विट्जरलैंड के बीच सबसे बड़ा अंतर स्वच्छता का है। उन्होंने कहा कि स्विट्जरलैंड में उन्हें कहीं भी कूड़ा-कचरा दिखाई नहीं दिया। वहां के लोग सार्वजनिक स्थानों को साफ रखने की जिम्मेदारी खुद लेते हैं और नियमों का पालन करते हैं।

इसके मुकाबले भारत में कई खूबसूरत जगहें होने के बावजूद सफाई की कमी साफ नजर आती है। महिला ने कहा कि अगर भारतीय नागरिक भी सार्वजनिक स्थानों की साफ-सफाई को लेकर जिम्मेदार बन जाएं, तो भारत दुनिया के सबसे सुंदर देशों में शामिल हो सकता है।

भारत में प्राकृतिक सुंदरता की नहीं, स्वच्छता की कमी है

महिला का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और हजारों लोग इस पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कई यूजर्स ने उनकी बात का समर्थन करते हुए कहा कि भारत में प्राकृतिक सुंदरता की कोई कमी नहीं है, लेकिन नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक होने की जरूरत है।

एक यूजर ने लिखा कि भारत में पहाड़, नदियां और जंगल सब कुछ है, लेकिन हमें सार्वजनिक संपत्ति का सम्मान करना सीखना होगा। वहीं दूसरे यूजर ने कहा कि कश्मीर वास्तव में धरती का स्वर्ग है, लेकिन उसकी खूबसूरती बनाए रखने के लिए सफाई भी उतनी ही जरूरी है। कई लोगों ने माना कि भारत की सबसे बड़ी चुनौती प्राकृतिक संसाधनों की नहीं, बल्कि सिविक सेंस और स्वच्छता की है।

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