Fact Check Hydrogen Train Stone Pelting Viral Video: सोशल मीडिया पर इन दिनों एक ट्रेन पर भीड़ द्वारा पत्थरबाजी किए जाने का वीडियो जमकर वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि एक रेलवे स्टेशन पर आती हुई ट्रेन पर वहां मौजूद लोगों की भीड़ अचानक पत्थर बरसाना शुरू कर देती है। इस वीडियो को लेकर इंटरनेट पर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं, जिसे लेकर अब रेलवे ने स्थिति स्पष्ट कर दी है।
वायरल क्लिप में एक स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर भारी संख्या में लोग मौजूद हैं, जो सामने से आती हुई ट्रेन को निशाना बना रहे हैं। सोशल मीडिया यूजर्स इस वीडियो को शेयर करते हुए दावा कर रहे हैं कि यह हमला 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) और अभिजित दीपके के समर्थकों द्वारा किया गया है।
कुछ पोस्ट में इस घटना को जंतर-मंतर पर हो रहे प्रदर्शनों से जोड़ते हुए आम आदमी पार्टी के संस्थापक अरविंद केजरीवाल पर भी निशाना साधा जा रहा है।
इस वीडियो को लेकर सबसे बड़ा भ्रम ट्रेन के इंजन की पहचान को लेकर फैला है। कई यूजर्स ने यह दावा किया कि भीड़ ने देश की नई हाइड्रोजन ट्रेन को क्षति पहुंचाई है। हालांकि, रेलवे के विशेषज्ञों और जोनल रेलवे ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है।
रेलवे के अनुसार, वीडियो में दिख रहा इंजन 'WAG-12' है, जो कि 12,000 HP की क्षमता वाला एक शक्तिशाली इलेक्ट्रिक फ्रेट लोकोमोटिव है। इस इंजन का निर्माण बिहार की मधेपुरा फैक्ट्री में फ्रांसीसी कंपनी 'एल्सटॉम' के सहयोग से किया गया है। चूंकि इसका बाहरी डिजाइन आधुनिक हाइड्रोजन ट्रेन जैसा प्रतीत होता है, इसलिए लोग इसे पहचानने में गलती कर रहे हैं।
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प्रशासन ने पुष्टि की है कि हरियाणा के जींद-सोनीपत रूट पर चलने वाली हाइड्रोजन ट्रेन (नंबर 74009/74010) पूरी तरह सुरक्षित है और अपने निर्धारित समय पर सेवाएं दे रही है।
यह ट्रेन करीब 89 किलोमीटर की दूरी 2 घंटे में तय करती है और पांडु पिंडारा सहित 12 स्टेशनों पर रुकती है। फिलहाल, यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि पत्थरबाजी की यह घटना किस स्टेशन पर और किस तारीख को हुई थी।