Bangkok Ganesh Temple: भारत में इस समय गणेश चतुर्थी की धूम है। जगह-जगह पंडालों में गणपति बप्पा की मूर्तियां स्थापित कर पूजा-अर्चना की जा रही है। आमतौर पर भगवान गणेश को मोदक, लड्डू, फल और मिठाइयों का भोग लगाया जाता है। लेकिन थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में गणेश पूजा का एक अलग ही अंदाज देखने को मिला है।
यहां भगवान गणेश की मूर्ति के सामने बोबा टी यानी बबल टी के कई कप चढ़ाए जाते हैं। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो सामने आने के बाद लोग इस परंपरा को लेकर काफी उत्सुक हैं।
बैंकॉक की कंटेंट क्रिएटर पिया पिंग ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया है। इसमें भगवान गणेश की मूर्ति के सामने बोबा टी के कई कप रखे दिखाई दे रहे हैं। पिया के मुताबिक, वह बैंकॉक के मशहूर यूनियन मॉल गई थीं। मॉल के बाहर ही भगवान गणेश को समर्पित एक छोटा मंदिर है, जहां लोग अपनी मनोकामनाएं लेकर पहुंचते हैं।
पिया ने बताया कि भारत में गणेश जी को जहां लड्डू और मोदक का भोग लगाया जाता है, वहीं बैंकॉक में कुछ भक्त उन्हें बबल टी चढ़ाते हैं। मंदिर के आसपास बड़ी संख्या में बोबा टी के कप दिखाई देते हैं, जिससे पता चलता है कि यह वहां कुछ भक्तों की आस्था से जुड़ी परंपरा है।
भगवान गणेश की पूजा केवल भारत तक सीमित नहीं है। दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया के कई देशों में भी गणेश जी के प्रति आस्था देखने को मिलती है। थाईलैंड में भगवान गणेश को 'Phra Phikanet' या 'Phra Phikanesuan' के नाम से जाना जाता है।
वहां उन्हें सफलता, सौभाग्य और बाधाओं को दूर करने वाले देवता के रूप में सम्मान दिया जाता है। खास बात यह है कि गणेश जी के प्रति आस्था केवल थाईलैंड के हिंदू समुदाय तक सीमित नहीं है। कई थाई बौद्ध भी गणेश जी का सम्मान करते हैं। यही वजह है कि वहां गणेश पूजा में भारतीय परंपराओं के साथ स्थानीय संस्कृति का भी प्रभाव नजर आता है।
पिया ने अपने वीडियो में बताया कि कुछ भक्तों का मानना है कि जब उनकी मनोकामना पूरी हो जाती है, तो वे दोबारा गणेश मंदिर पहुंचकर बोबा टी चढ़ाते हैं। उन्होंने उदाहरण दिया कि अगर किसी व्यक्ति ने पहले तीन कप बोबा टी चढ़ाई थी, तो मनोकामना पूरी होने के बाद वह छह कप चढ़ा सकता है। इसके बाद संख्या 12 तक भी बढ़ सकती है।
यानी यहां बोबा टी केवल भगवान को चढ़ाया जाने वाला पेय नहीं है, बल्कि मनोकामना पूरी होने के बाद आभार जताने का एक तरीका भी माना जाता है। इसी वजह से गणेश जी की मूर्ति के सामने एक साथ कई कप बोबा टी नजर आते हैं।
बोबा टी या बबल टी थाईलैंड में काफी लोकप्रिय ड्रिंक है। इसे आमतौर पर चाय, दूध और अलग-अलग फ्लेवर के साथ तैयार किया जाता है। इसमें नीचे चबाने वाले टैपिओका पर्ल्स यानी छोटे-छोटे मोती भी डाले जाते हैं।
भारत में भी बबल टी का चलन तेजी से बढ़ रहा है। हालांकि थाईलैंड में यह पहले से ही युवाओं और आम लोगों के बीच काफी लोकप्रिय है। ऐसे में स्थानीय लोगों की पसंदीदा ड्रिंक का भगवान को भोग के रूप में चढ़ाया जाना पूजा को एक स्थानीय रंग देता है।
पिया ने इस परंपरा को समझाते हुए कहा कि भक्ति को व्यक्त करने का तरीका हर जगह अलग हो सकता है। लोग अक्सर वही चीज भगवान को अर्पित करते हैं, जो उनके लिए खास होती है या उन्हें खुद पसंद होती है।
इसी वजह से बैंकॉक में गणेश जी के सामने बोबा टी के कप दिखाई देते हैं। इसे किसी नई पूजा पद्धति के बजाय वहां के भक्तों की स्थानीय आस्था और परंपरा के रूप में देखा जा रहा है।
गणेश चतुर्थी के दौरान पिया का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। वीडियो को एक दिन में करीब चार लाख व्यूज मिलने की बात सामने आई है। इसके बाद लोगों ने कमेंट कर इस परंपरा को लेकर अपनी प्रतिक्रियाएं दीं।
कई यूजर्स ने कहा कि भगवान को चढ़ाए जाने वाले भोग में सबसे ज्यादा महत्व भावना का होता है। कुछ लोगों ने अपने अनुभव भी साझा किए कि विदेशों में रहते हुए वे गणेश जी को स्थानीय और अपनी पसंद की चीजों का भोग लगाते हैं।
एक यूजर ने मजाकिया अंदाज में कहा कि शायद गणपति बप्पा भी केवल लड्डू और मोदक खाकर बोर हो गए होंगे, इसलिए बोबा टी से मेन्यू में थोड़ी वैरायटी आ गई।