Supreme Court Gyanvapi Case: वाराणसी के बहुचर्चित ज्ञानवापी श्रृंगार गौरी मामले में आपसी सहमति से विवाद सुलझाने की सुप्रीम कोर्ट की पहल को उस समय बड़ा झटका लगा, जब बुलाई गई मध्यस्थता बैठक बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं जज राजीव मुकुल पांडे की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में हिंदू और मुस्लिम दोनों पक्षों ने समझौते के प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया।
मुस्लिम पक्ष ने मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन होने का हवाला दिया, वहीं हिंदू पक्ष का स्पष्ट कहना है कि उन्हें पूरा मंदिर परिसर चाहिए और इस मामले का अंतिम समाधान केवल न्यायालय के फैसले से ही संभव है। एएसआई सर्वे और ऐतिहासिक साक्ष्यों का हवाला देते हुए हिंदू पक्ष अपनी मांग पर पूरी तरह अड़ा हुआ है। इसके साथ ही यह साफ हो गया है कि इस ऐतिहासिक विवाद का भविष्य अब केवल अदालत की कानूनी प्रक्रिया और न्यायिक निर्णय पर ही टिका हुआ है।