Prashant Kishor On Election Commission: दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने चुनाव आयोग की विश्वसनीयता और कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि आयोग की साख पर सिर्फ एक रिपोर्ट से बट्टा नहीं लगा है, बल्कि पिछले सात-आठ वर्षों से उसके कामकाज और फैसलों का तरीका ऐसा रहा है।
प्रशांत किशोर ने पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार के देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक एचडीएफसी के चेयरमैन बनने पर सवाल उठाते हुए इसे लाभ के पद और निष्पक्षता से जोड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि वोटर लिस्ट बनाने, आचार संहिता लागू करने, चुनाव की तिथियां तय करने और काउंटिंग के दौरान सत्तारूढ़ दल को फायदा पहुंचाया जाता है। प्रशांत किशोर ने मांग की है कि चुनाव प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल फॉर्म-17 जैसी जानकारियों को तुरंत पब्लिक डोमेन में लाना चाहिए और संस्थागत सुधार करने की सख्त जरूरत है।