Indian Passport Latest Controversy: विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा हाल ही में दिए गए स्पष्टीकरण ने वास्तव में एक बड़ी कानूनी और प्रशासनिक बहस को जन्म दे दिया है। आम तौर पर लोग मानते हैं कि अगर किसी के पास भारत का पासपोर्ट है, तो वह पक्का भारतीय नागरिक है। लेकिन कानूनन और तकनीकी रूप से इसमें एक बेहद बारीक अंतर है। भारतीय नागरिकता अधिनियम, 1955 के तहत भारत में नागरिकता तय करने का अधिकार पूरी तरह से गृह मंत्रालय के पास है। विदेश मंत्रालय जो पासपोर्ट जारी करता है, वह मुख्य रूप से एक यात्रा दस्तावेज है। यह इस धारणा पर जारी किया जाता है कि धारक भारतीय नागरिक है, लेकिन यह अपने आप में नागरिकता का अंतिम सर्टिफिकेट नहीं है। अगर गृह मंत्रालय किसी की नागरिकता पर सवाल उठाता है, तो केवल पासपोर्ट दिखाकर नागरिकता साबित नहीं की जा सकती; उसके लिए जन्म प्रमाण पत्र, वंशज होने के दस्तावेज या नेचुरलाइजेशन सर्टिफिकेट की जरूरत होती है।