Dr TK Lahiri: वाराणसी स्थित बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) के रिटायर्ड प्रोफेसर और पद्मश्री से सम्मानित वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. तपन कुमार लहरी (टीके लहरी) अस्पताल में इलाज के दौरान कथित बदसलूकी और थप्पड़ मारे जाने की घटना को लेकर चर्चा में हैं। 'डॉक्टर गॉड' के नाम से मशहूर डॉ. लहरी 2003 में बीएचयू के आईएमएस से रिटायर हुए थे, लेकिन वे आज भी मरीजों का मुफ्त इलाज करते हैं। वे 1994 से अपना पूरा वेतन गरीबों को दान करते आ रहे हैं और रिटायरमेंट के बाद अपनी पेंशन का केवल उतना ही हिस्सा रखते हैं जिससे दो वक्त की रोटी चल सके, बाकी राशि बीएचयू को दान कर देते हैं।
डॉ. लहरी अपने कड़े सिद्धांतों के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चंद्रशेखर तक को घर पर मिलने से मना कर दिया था और कहा था कि अगर मिलना है तो वे ओपीडी में मरीजों के बीच आएं। 1974 में अमेरिका से पढ़ाई कर लौटे डॉ. लहरी ने निजी लाभ के बजाय बीएचयू में साधारण वेतन पर सेवा देना चुना। 1997 में वेतन एक लाख से अधिक होने पर भी उन्होंने इसे लेने से इनकार कर दिया और अपना पूरा पीएफ भी बीएचयू को सौंप दिया। बिना किसी लग्जरी, बिना गाड़ी और शादी न कर अपना पूरा जीवन मरीजों को समर्पित करने वाले इस महान चिकित्सक के साथ बीएचयू में हुई अभद्रता की घटना की जांच के लिए अब मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया है।