Badrinath Highway Blocked Near Pagal Nala Due To Landslide: उत्तराखंड में मानसून की मूसलाधार बारिश आफत बनकर बरस रही है। ताज़ा घटनाक्रम में चमोली जिले में स्थित बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-7) पर भारी भूस्खलन के कारण यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। इस प्राकृतिक आपदा ने न केवल स्थानीय जनजीवन को प्रभावित किया है, बल्कि चारधाम यात्रा पर निकले सैकड़ों श्रद्धालुओं की राह भी रोक दी है।
मिली जानकारी के अनुसार, गुरुवार देर रात और शुक्रवार तड़के चमोली जिले में भीषण बारिश हुई। इस मूसलाधार बारिश के चलते पागल नाला के पास एक पहाड़ी का बड़ा हिस्सा दरक गया और भारी मात्रा में मलबा व विशालकाय बोल्डर सड़क पर आ गिरे। यह स्थान मानसून के दौरान बेहद संवेदनशील माना जाता है और यहाँ अक्सर भूस्खलन की घटनाएँ होती रहती हैं। सड़क मार्ग बाधित होने से ऋषिकेश, जोशीमठ और बद्रीनाथ के बीच का संपर्क पूरी तरह कट गया है।
हाईवे बंद होने की वजह से बद्रीनाथ धाम और माणा की ओर जाने वाले यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं और दर्जनों वाहन बीच रास्ते में ही फंस गए हैं। यात्रियों में स्थानीय लोगों के साथ-साथ देश के विभिन्न कोनों से आए श्रद्धालु भी शामिल हैं, जो अब सड़क खुलने का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं। प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से यातायात को तत्काल प्रभाव से रोक दिया है।
रास्ता बंद होने की सूचना मिलते ही सीमा सड़क संगठन (BRO) और जिला प्रशासन की टीमें सक्रिय हो गईं। मलबे को हटाने के लिए जेसीबी, पोकलेन और अन्य भारी मशीनों को मौके पर तैनात किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि सड़क को साफ करने का काम 'युद्ध स्तर' पर जारी है, लेकिन लगातार हो रही बारिश राहत और बचाव कार्यों में बड़ी बाधा बन रही है। मौसम के थोड़ा भी अनुकूल होते ही यातायात को जल्द से जल्द बहाल करने का लक्ष्य रखा गया है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने उत्तराखंड के लिए आने वाले दिन और भी चुनौतीपूर्ण बताए हैं। IMD ने देहरादून, रुद्रप्रयाग, चमोली, उत्तरकाशी, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल और बागेश्वर सहित कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश, आकाशीय बिजली और गर्जना की चेतावनी जारी की है। पहाड़ी इलाकों में अगले कुछ दिनों तक रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है, जिससे संवेदनशील क्षेत्रों में चट्टान गिरने और अचानक जलस्तर बढ़ने का खतरा बना हुआ है।
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बिगड़ते हालात को देखते हुए प्रशासन ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है। यात्रियों से अपील की गई है कि जब तक सड़क पूरी तरह सुरक्षित घोषित न हो जाए, तब तक वे बद्रीनाथ की यात्रा शुरू न करें। जो यात्री पहले से रास्ते में हैं, उन्हें सुरक्षित स्थानों पर रुकने और नदी-नालों के किनारे न जाने की सलाह दी गई है। आपदा प्रबंधन टीम, SDRF और पुलिस को हाई अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।