Kotdwar Baba Shop Controversy: उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के कोटद्वार में 30 साल पुरानी एक दुकान के नाम को लेकर उपजा विवाद अब कानूनी कार्रवाई और सियासी बयानबाजी तक पहुंच गया है। पुलिस ने इस मामले में सख्ती दिखाते हुए नामजद आरोपियों और 40 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
मामला कोटद्वार के पटेल मार्ग स्थित 'बाबा स्कूल ड्रेस एंड मैचिंग सेंटर' से जुड़ा है, जो पिछले 30 वर्षों से इसी नाम से संचालित हो रही है। दुकानदार वकील अहमद ने पुलिस को दी अपनी लिखित शिकायत में बताया कि 26 जनवरी 2026 को तीन-चार युवक उनकी दुकान में घुसे। उन्होंने खुद को बजरंग दल का सदस्य बताते हुए अहमद को दुकान के नाम से 'बाबा' शब्द हटाने की धमकी दी। आरोपियों का तर्क था कि 'बाबा' नाम एक विशिष्ट समुदाय द्वारा उपयोग नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि यह 'सिद्ध बाबा' से जुड़ा है। दुकानदार के अनुसार, नाम न बदलने पर उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई, जिससे उनका परिवार खौफ में है।
इस घटना के दौरान दुकान के पास ही जिम चलाने वाले एक युवक, मोहम्मद दीपक (दीपक कुमार) ने हस्तक्षेप किया और प्रदर्शन कर रहे युवकों का विरोध किया। दीपक ने तर्क दिया कि कई दुकानों के नाम में 'बाबा' शब्द का इस्तेमाल होता है और इसमें कुछ भी गलत नहीं है। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। इसके विरोध में दक्षिणपंथी संगठनों के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने कोटद्वार में नारेबाजी और प्रदर्शन किया।
इस विवाद ने तब राजनीतिक रूप ले लिया जब कांग्रेस नेता और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट शेयर की। राहुल गांधी ने अपने बयान में मोहम्मद दीपक का समर्थन करते हुए उन्हें संविधान और इंसानियत के लिए खड़ा होने वाला व्यक्ति बताया। उन्होंने उत्तराखंड की भाजपा सरकार और संघ परिवार पर देश में सामाजिक जहर घोलने और असामाजिक ताकतों का साथ देने का आरोप लगाया। राहुल गांधी के इस बयान के बाद राज्य में सियासी सरगर्मी और तेज हो गई है।
पौड़ी के एसएसपी सर्वेश पंवार ने बताया कि स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए पुलिस ने सख्त कदम उठाए हैं और अब तक तीन एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं:
पहली FIR दुकानदार वकील अहमद की शिकायत पर गौरव कश्यप और शक्ति सिंह गोंसाई नाम के दो युवकों और उनके अज्ञात साथियों के खिलाफ दर्ज की गई है। इन पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2), 333, 351(2) और 352 के तहत डराने-धमकाने का मामला दर्ज हुआ है। दूसरी एफआईआर पुलिस ने सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने, नेशनल हाईवे जाम करने और पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट करने के आरोप में 30 से 40 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज की है। तीसरी एफआईआर कमल प्रसाद की शिकायत पर दीपक कुमार और अन्य के खिलाफ धमकी और अपमानजनक भाषा के आरोप में दर्ज की गई।