सीएम धामी (फोटो- सोशल मीडिया) 
उत्तराखण्ड

मुख्यमंत्री धामी ने 45 लोगों को सौंपा नियुक्ति पत्र, कहा- साढ़े तीस साल में दी 19 हजार नौकरियां

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को देहरादून में आयोजित एक कार्यक्रम में गृह एवं प्रान्तीय रक्षक दल विभाग के अंतर्गत 45 नव चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे...

Saurabh Pal

देहरादूनः उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को देहरादून में आयोजित एक कार्यक्रम में गृह एवं प्रान्तीय रक्षक दल विभाग के अंतर्गत 45 नव चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। चयनित अभ्यर्थियों में गृह विभाग के अंतर्गत 11 लैब असिस्टेंट तथा प्रान्तीय रक्षक दल विभाग के अंतर्गत 34 क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी शामिल हैं।

सीएम धामी ने सभी नव चयनित अभ्यर्थियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि आज आपके जीवन की एक नई शुरुआत हो रही है। सीएम धामी ने उम्मीद जताई कि सभी चयनित अभ्यर्थी अपने कार्यक्षेत्र में पूरी लगन और ईमानदारी से काम करेंगे। अगर हम नियमित दिनचर्या के साथ काम शुरू करें तो हर राह आसान हो जाती है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक भारत को विकसित बनाने के संकल्प को पूरा करने के लिए सभी को अपने कार्यक्षेत्र में विशेष योगदान देना होगा। सीएम धामी ने कहा कि पिछले साढ़े तीन साल में राज्य में सरकारी सेवाओं में 19 हजार से अधिक पदों पर नियुक्तियां प्रदान की गई हैं। धामी ने कहा, "कई पदों पर भर्ती प्रक्रिया धीमी है। राज्य में सख्त नकल विरोधी कानून लागू होने के बाद सभी भर्ती परीक्षाएं पूरी पारदर्शिता के साथ समय पर पूरी हुई हैं।

इससे पहले सोमवार को सीएम धामी ने कांडा महोत्सव का उद्घाटन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बागेश्वर जिले में 83 करोड़ रुपये की 11 योजनाओं का शिलान्यास और 1.80 करोड़ रुपये की योजना का लोकार्पण किया। विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री ने जिले के विकास को और गति देने के लिए कई घोषणाएं भी कीं। कांडा महोत्सव को राज्य की अमूल्य धरोहर बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस महोत्सव ने राज्य की समृद्ध परंपराओं को संरक्षित करने और उन्हें भावी पीढ़ी तक पहुंचाने में अद्वितीय योगदान दिया है। यह महोत्सव हमारे छोटे व्यापारियों, कारीगरों और किसानों को अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने और बेचने के लिए एक मंच प्रदान करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी लोक संस्कृति हमारी मूल पहचान है और हम जीवन में कहीं भी हों या दुनिया में कहीं भी जाएं, हमारी पहली पहचान यही है कि हम उत्तराखंड के निवासी हैं। विज्ञप्ति में कहा गया है कि हमें उत्तराखंड की संस्कृति, उत्तराखंड के पहनावे और उत्तराखंड के खान-पान पर हमेशा गर्व होना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से हमारी लोक संस्कृति और भी मजबूत होती है। उन्होंने हमारी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और इसे नई पीढ़ी तक ले जाने के लिए आयोजकों के प्रयासों की भी सराहना की।

CM विजय के परिसीमन बयान के बीच SC के जस्टिस केएम जोसेफ की बड़ी चेतावनी, बोले- दक्षिण के वोट का मूल्य घटेगा

कावेरी पानी का मुद्दा पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, पीठ बोली- पहले कावेरी प्रबंधन प्राधिकरण के पास जाए तमिलनाडु

राहुल के घर गया दलित का पैसा? कर्नाटक में BJP का हल्लाबोल, मंत्री नागेंद्र के इस्तीफे की मांग, कई नेता डीटेन

मणिपुर के सेनापति जिले में भड़की हिंसा, घरों में लगाई आग, CRPF जवान घायल, चश्मदीद ने बताई खौफनाक दास्तां

तमिलनाडु में मुफ्त योजनाओं का ऐलान, साल में 3 फ्री LPG सिलेंडर, महिलाओं और ट्रांसजेंडर्स के लिए मुफ्त बस सफर