सीएम योगी आदित्यनाथ सोर्स- IANS
उत्तर प्रदेश

किसने सुनाई थी दुनिया की पहली भागवत कथा? रायबरेली में CM योगी ने दिया जवाब, सुनाया हजारों साल पुराना किस्सा

Yogi Adityanath Raebareli Visit: रायबरेली में एक कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने कहा कि जब तक सनातन की पताका ऊंची रहेगी, देश का कोई बाल बांका नहीं कर सकता।

राजेश कुमार मिश्र, अमन मौर्या

Lord Shiva Jyotirlinga Cultural Integrity: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रायबरेली में श्री शिवमहापुराण कथा कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में सीएम योगी ने भागवत कथा के शुरू होने का एक किस्सा सुनाया। उन्होंने कहा कि इस उत्तर प्रदेश में 5000 वर्ष पहले भागवत भूमि के रूप में जाना जाता था, इसी उत्तर प्रदेश के शुकतीर्थ में शुकदेव महराज जी पहली भागवत कथा राजा परीक्षित को सुनाया था।

उन्होंने कहा कि 88 हजार ऋषियों ने इसी उत्तरप्रदेश के नैमिषारण्य में ज्ञान की धारा को पुराणों के माध्यम से हम सबकी के वर्तमान पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रख गए।

सनातनियो में समान भक्ति भाव: CM योगी

सीएम योगी ने कहा कि भारत की राजनीतिक सीमाओं के साथ-साथ भारत के एकात्मकता का भी दर्शन करवाते हैं। शिव की भक्ति जो तमिलनाडु में होगी वही उत्तरप्रदेश और उत्तराखंड के भी श्रद्धालुओं में होती है। पूर्वोत्तर के सनातनियो के मन मे जो भक्ति भाव होगा,वही भक्ति भाव महाराष्ट्र के सनातनियो के मन में भी होता है।

हमारे सनातन धर्म की यही बड़ी पूंजी है क्योंकि शिव की पहचान हमारे लिए यही है कि लोकमंगल के लिए जो विष है वह भी वो धारण करते हैं। शिव लोकमंगल के देवता है,सृष्टि के देवता है,नकारात्मक शक्तियों को दूर करते हैं,समाज के जितने विकार होते हैं उन्हें दूर करके लोककल्याण का मार्ग प्रशस्त करते हैं।

भारत का बाल-बांका नही कर सकता: सीएम योगी

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि यह पावन कथाएं जब तक भारत की धरती पर चलती रहेंगी,सनातन की ध्वजा पताका कभी झुकने नही पायेगा, सनातन का ध्वजा पताका जब तक ऊंची रहेगी तबतक भारत का कोई बाल बांका नही कर पायेगा राजनीतिक कमजोरियों के कारण मध्यकाल में ये देश भले ही विदेशी आक्रमणकारियों आक्रांताओ का सामना करने को मजबूर हुआ हो,लेकिन उस कालखंड में भी जब विदेशी आक्रांता भारत के धर्मस्थलों को आस्था को रौंदने का कार्य करते थे।

तब भी ये पावन कथाओं के माध्यम से हमारे व्यासपीठ से सदैव धारा निकलता था वह हमारे सांस्कृतिक एकता और आध्यात्मिक उन्नयन को आगे बढ़ाती रही।

अवध में हनुमान जी की महिमा

यह अवध क्षेत्र है, पूरी रामायण में प्रभु राम की भक्ति हनुमान जी को मिली तो वह लोकपूज्य हो गए। उनकी पूजा अनुष्ठान करके सनातनधर्मी खुद को धन्य महसूस करता है। शिव की भक्ति सनातन धर्म मे हमारे लिए ऐसा है जब हम भारत की बात करते हैं तो शिव महादेव ऐसे हैं जिनके पवित्र ज्योतिर्लिंग हिमालय से लेकर सुदूर दक्षिण में रामेश्वरम तक भारत की सांस्कृतिक सीमाओं का ध्यानाकर्षित करते हैं।

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