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वाराणसी

Varanasi Waterlogging: 3-4 सितंबर की लापरवाही पड़ी भारी! जांच बैठते ही इंजीनियर पर गिरी गाज

Varanasi Waterlogging News: वाराणसी में जलभराव पर योगी सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। जल निगम के अधिशासी अभियंता को निलंबित कर दिया गया। साथ ही पंप बंद रखने और लापरवाही पर जांच शुरू हो गई है।

राजेश कुमार मिश्र, अमन मौर्या

Varanasi Jal Nigam Engineer Suspended: योगी सरकार ने जनसमस्याओं के प्रति लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त रुख अपनाया है। वाराणसी में जलभराव की समस्या को गंभीरता से लेते हुए उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय) के निर्माण खंड (वि./यां.) में तैनात अधिशासी अभियंता पवन कुमार गुप्ता को निलंबित कर दिया गया है। उनके खिलाफ उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली-1999 के नियम-7 के अंतर्गत अनुशासनिक जांच भी बैठाई गई है।

कार्रवाई से सरकार ने दिया स्पष्ट संदेश

नगर निकास विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुख्य अभियंता (क्रय), उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय), लखनऊ को इस प्रकरण में पदेन जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। सरकार ने इस कार्रवाई के जरिये स्पष्ट किया है कि जनसुविधाओं से जुड़े मामलों में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं होगी और जिम्मेदार अधिकारियों को जवाब देना होगा। प्रथम दृष्टया जांच में सामने आया कि चौकाघाट सीवेज पम्पिंग स्टेशन पर नदी के बैकफ्लो को रोकने के लिए आवश्यक गेट/बैरियर लगाने संबंधी आकलन और कार्ययोजना तैयार नहीं की गई।

इसके अलावा उच्चाधिकारियों के निर्देशों के अनुपालन में भी अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। जांच में यह भी सामने आया कि 3 और 4 सितंबर को चौकाघाट सीवेज पम्पिंग स्टेशन तथा गोईठहां एसटीपी पर स्थित पम्प बंद रखे गए।

पम्पों का संचालन नहीं होने से बनी जलभराव की स्थित

भारी बारिश के दौरान समय से पम्पों का संचालन नहीं होने से सीवर लाइनों पर अत्यधिक लोड पड़ा और शहर के निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हुई। इससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा और विभाग की छवि भी प्रभावित हुई। नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा ने 12 और 13 सितंबर को वाराणसी दौरे के दौरान जलभराव प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया था।

उन्होंने अधिकारियों को जल निकासी की व्यवस्था युद्धस्तर पर सुनिश्चित करने और आमजन को किसी भी प्रकार की परेशानी न होने देने के निर्देश दिए थे।

अधिशासी अभियंता पर गिरी गाज

निरीक्षण के दौरान उन्होंने जलभराव की स्थिति पर नाराजगी जताते हुए लापरवाही करने वाले अधिकारियों को कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी थी। फिलहाल शासन ने अधिशासी अभियंता पवन कुमार गुप्ता को निलंबन अवधि में मुख्य अभियंता (कानपुर क्षेत्र), उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय), कानपुर कार्यालय से संबद्ध किया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।

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