शिवलिंग का श्रृंगार (सोर्स- फोटो नवभारत)
वाराणसी

कभी फल सब्जियां तो कभी गुलाब से होगा शिवलिंग का श्रृंगार, विश्व कल्याण के लिए महंत ने शुरू की विशेष अराधना

Partheshwar Shivling: वाराणसी के यमुनेश्वर आश्रम में श्रावण अमावस्या से विशेष शिव आराधना अनुष्ठान का आयोजन किया गया है। प्रतिदिन पार्थेश्वर शिवलिंग बनाकर रुद्राभिषेक और गंगा में विसर्जन किया जा रहा।

धर्मेंद्र कुमार चौबे, स्निग्धा श्रीवास्तव

Varanasi Yamuneshwar Partheshwar Shivling: श्रावण मास की अमावस्या से यमुनेश्वर आश्रम के श्री महंत वैभव गिरि जी महाराज द्वारा भगवान भोलेनाथ की विशेष आराधना का अनुष्ठान शुरू किया गया है। इसके तहत प्रतिदिन पार्थेश्वर शिवलिंग का निर्माण कर विधि-विधान से स्थापना, पूजन एवं रुद्राभिषेक किया जाता है। पूजन के बाद शिवलिंग को मां गंगा की मध्य धारा में विधिवत विसर्जित किया जाता है।

श्रावण अमावस्या से भाद्रपद अमावस्या तक चलेगा यह अनुष्ठान

महंत वैभव गिरि महाराज ने बताया कि यह अनुष्ठान श्रावण अमावस्या से शुरू होकर भाद्रपद अमावस्या तक लगातार चलेगा। प्रतिदिन पार्थेश्वर शिवलिंग को अलग-अलग स्वरूपों में सजाया जाता है। किसी दिन फल, किसी दिन सब्जियों तो किसी दिन गुलाब के पुष्पों से श्रृंगार किया जाता है। इसके साथ भस्म, चंदन, शमी पत्र सहित विभिन्न पूजन सामग्री से भगवान शिव का श्रृंगार कर अभिषेक और पूजन किया जाता है।

शिवलिंग का श्रृंगार

विश्व कल्याण की कामना

महंत वैभव गिरि ने बताया कि अनुष्ठान के दौरान भगवान भोलेनाथ से विश्व कल्याण, राष्ट्र की समृद्धि और समस्त जीवों के मंगल की कामना की जाती है। संतों के जीवन में व्यक्तिगत सुख-सुविधाओं से अधिक जनकल्याण और मानव समाज के मंगल का महत्व होता है। इसी भावना के साथ काशी सहित पूरे देश पर भगवान शिव की कृपा बनी रहने की प्रार्थना की जा रही है।

शिवलिंग का श्रृंगार

भारत के निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ने की कामना

महंत ने कहा कि सनातन परंपराओं को मजबूत करने तथा भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत को विश्वभर में प्रतिष्ठित करने की भावना से यह अनुष्ठान किया जा रहा है। भगवान शिव से प्रार्थना है कि भारत निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़े और विश्व कल्याण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाए।

उन्होंने कहा कि काशी भगवान शिव की नगरी है और यहां होने वाली धार्मिक साधनाएं सदैव लोकमंगल की भावना से जुड़ी रही हैं। पार्थेश्वर शिवलिंग की प्रतिदिन स्थापना, पूजन और गंगा में विसर्जन इसी आध्यात्मिक परंपरा का हिस्सा है। अनुष्ठान के माध्यम से काशी, देश और पूरी दुनिया के सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की जा रही है।

शिवलिंग का श्रृंगार

क्या राजनीति छोड़ रहे हैं नितिन गडकरी? संन्यास की अटकलों पर केंद्रीय मंत्री ने तोड़ी चुप्पी, जानिए पूरा सच

SECI Recruitment 2026: इंजीनियर समेत 28 पदों पर निकली भर्ती, 2.80 लाख तक सैलरी; 23 सितंबर तक करें आवेदन

कॉकरोच किसके लिए कहा गया था? CJP संस्थापक अभिजीत दीपके का बड़ा दावा, जानें किसका लिया नाम

तरुण तेजपाल को जाना ही होगा जेल...सुप्रीम कोर्ट ने ठुकराई याचिका, सरेंडर के लिए दिया दो हफ्ते का टाइम

जंतर-मंतर हिंसा से दिल्ली पुलिस ने ली सीख, तैयार किया नया प्लान, अब हर बड़े प्रदर्शन पर ऐसे रखी जाएगी पैनी नजर