Kashi Vishwanath Dham: श्रावण मास के तीसरे सोमवार को उत्तर प्रदेश में आस्था और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। सावन सोमवार और नागपंचमी के दुर्लभ संयोग के चलते प्रदेश के प्रमुख शिवालयों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। काशी विश्वनाथ धाम से लेकर अयोध्या और बाराबंकी तक हर तरफ ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयकारे गूंजते रहे।
वाराणसी में सुबह से ही बाबा विश्वनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। मंगला आरती के साथ ही पूरा काशी क्षेत्र घंटा-घड़ियाल, शंख और डमरुओं की ध्वनि से गूंज उठा। काशी की गलियों से लेकर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर तक हर ओर शिवभक्ति का माहौल नजर आया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर कांवड़ियों और श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा भी की गई। आसमान से बरसती गुलाब की पंखुड़ियों के बीच कांवड़ियों ने ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयकारे लगाए।
सावन के तीसरे सोमवार की शाम बाबा विश्वनाथ ने विशेष अर्धनारीश्वर स्वरूप में दर्शन दिए। इस अलौकिक स्वरूप के दर्शन को श्रद्धालुओं ने दिव्य और अविस्मरणीय अनुभव बताया।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा, यातायात और दर्शन व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे।
बाराबंकी में भी सावन सोमवार के मौके पर कांवड़ियों का उत्साह देखते ही बना। हेलीकॉप्टर से फूलों की बारिश कर कांवड़ियों का स्वागत किया गया। पुष्पवर्षा के बीच कांवड़िये ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयकारे लगाते नजर आए।
जिले के प्रमुख शिवधामों लोधेश्वर महादेव, रामनगर, बुढ़वा बाबा, रामसनेहीघाट, औसानेश्वर और हैदरगढ़ में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। कांवड़िये पवित्र नदियों से जल लेकर शिवालयों की ओर बढ़ते रहे और भगवान शिव का जलाभिषेक किया।
रामनगरी अयोध्या के विभिन्न शिव मंदिरों में भी सुबह से श्रद्धालुओं की भीड़ रही। सावन सोमवार और नागपंचमी के संयोग ने धार्मिक उत्साह को और बढ़ा दिया। प्रदेशभर में शिवालयों में पूजा-अर्चना, जलाभिषेक और कांवड़ियों के स्वागत का सिलसिला जारी रहा।