EVM VVPAT FLC Training Varanasi: आगामी विधानसभा निर्वाचन की तैयारियों के क्रम में ईवीएम एवं वीवीपैट मशीनों की फर्स्ट लेवल चेकिंग (एफएलसी) को गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और निर्धारित मानकों के अनुरूप संपन्न कराने के उद्देश्य से शुक्रवार को सर्किट हाउस सभागार में विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। भारत निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त मनीष गर्ग की अध्यक्षता में आयोजित कार्यशाला में अधिकारियों और कार्मिकों को ईवीएम-वीवीपैट की एफएलसी से जुड़ी तकनीकी एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं का प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यशाला में वाराणसी सहित 21 जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारी, उप जिला निर्वाचन अधिकारी और एफएलसी सुपरवाइजर शामिल हुए। इनमें जौनपुर, गाजीपुर, चंदौली, मिर्जापुर, सोनभद्र, भदोही, प्रयागराज, प्रतापगढ़, फतेहपुर, कौशाम्बी, आजमगढ़, बलिया, मऊ, गोरखपुर, देवरिया, महराजगंज, गोंडा, संत कबीरनगर, बस्ती और सिद्धार्थनगर के अधिकारी भी शामिल रहे।
कार्यक्रम में मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तर प्रदेश नवदीप रिणवा, अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी अखंड प्रताप सिंह, भारत निर्वाचन आयोग के प्रमुख सचिव बीसी पात्रा, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी अमित सिंह और अवर सचिव राकेश कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
कार्यशाला के दौरान ईवीएम एवं वीवीपैट से संबंधित तकनीकी और प्रशासनिक सुरक्षा उपायों, एफएलसी की निर्धारित प्रक्रिया तथा विभिन्न स्तरों पर अधिकारियों और मास्टर ट्रेनरों की भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने एफएलसी के दौरान प्रत्येक प्रक्रिया को निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत सावधानीपूर्वक पूरा करने पर विशेष जोर दिया।
विशेषज्ञों ने ईवीएम एवं वीवीपैट के संपूर्ण जीवन चक्र से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। इसमें मशीनों के संचालन, रैंडमाइजेशन, कमीशनिंग, मतदान प्रक्रिया, मतगणना तथा मतगणना के बाद अपनाई जाने वाली प्रक्रियाओं और सुरक्षा प्रोटोकॉल को शामिल किया गया।
भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) के विशेषज्ञ इंजीनियर रवि रंजन, राहुल कुशवाहा और रामा मीनन कुमार डी ने ईवीएम एवं वीवीपैट की तकनीकी संरचना और सुरक्षा विशेषताओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी। वहीं बीसी पात्रा ने एफएलसी के दौरान सामने आने वाली सामान्य त्रुटियों और उनसे बचने के लिए बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में बताया।
कार्यशाला में प्रतिभागियों को केवल सैद्धांतिक प्रशिक्षण ही नहीं दिया गया, बल्कि मौके पर पर्याप्त संख्या में ईवीएम एवं वीवीपैट उपलब्ध कराकर व्यावहारिक प्रशिक्षण भी कराया गया। बीईएल के विशेषज्ञों ने मशीनों के संचालन और एफएलसी की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया। इसके बाद अधिकारियों और सुपरवाइजरों ने स्वयं मशीनों का संचालन कर निर्धारित प्रक्रियाओं का अभ्यास किया।
प्रशिक्षण के बाद प्रतिभागियों का मूल्यांकन किया गया। इसके साथ ही डाउट क्लियरिंग सेशन आयोजित कर अधिकारियों के प्रश्नों और जिज्ञासाओं का समाधान किया गया। प्रतिभागियों से घोषणा-पत्र भी प्राप्त किए गए, जिसमें प्रशिक्षण में बताए गए विषयों को समझने और किसी प्रकार की शंका शेष नहीं होने की पुष्टि की गई।
समापन अवसर पर वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि ईवीएम एवं वीवीपैट से संबंधित प्रत्येक प्रक्रिया में भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाए। एफएलसी के दौरान पारदर्शिता, सुरक्षा और सावधानी का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि आगामी विधानसभा निर्वाचन को निष्पक्ष, पारदर्शी और सुचारु रूप से संपन्न कराया जा सके।