देव दीपावली  (फाइल फोटो- सौजन्य से सोशल मीडिया)
वाराणसी

24 नवंबर को 11 लाख दीयों से जगमगाएगी काशी, गोबर के दीये और 3D लेजर शो होंगे खास

Dev Deepawali: वाराणसी में 24 नवंबर को देव दीपावली का महापर्व बेहद भव्य रूप से मनाया जाएगा। काशी के 84 घाट 11 लाख से अधिक दीपों से जगमगाएंगे। जानिए 3D लेजर शो, गंगा महोत्सव और दीपदान का सही मुहूर्त

स्निग्धा श्रीवास्तव

Dev Deepawali Plan: इस साल 24 नवंबर 2026 को कार्तिक पूर्णिमा के पावन अवसर पर बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी में देव दीपावली का महापर्व बेहद अलौकिक और भव्य रूप से मनाया जाएगा। इस बार काशी के ऐतिहासिक 84 घाटों, पोखरों, तालाबों और कुंडों को 11 लाख से अधिक दीपों की रोशनी से रोशन किया जाएगा।

देवाधिदेव महादेव की इस पावन नगरी में इस साल की देव दीपावली को ऐतिहासिक बनाने के लिए योगी सरकार और पर्यटन विभाग की ओर से बड़े पैमाने पर तैयारियां की जा रही हैं। देश और दुनिया भर से आने वाले हजारों श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए यह नजारा बेहद खास होने वाला है।

पर्यावरण संरक्षण का अनोखा संदेश देंगे गाय के गोबर से बने दीपक

पर्यटन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, इस वर्ष की देव दीपावली में पर्यावरण संरक्षण का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। कुल जलाए जाने वाले 11 लाख से अधिक दीयों में से लगभग 1 लाख दीप विशेष रूप से गाय के गोबर से तैयार किए जा रहे हैं। इसका मुख्य उद्देश्य पर्यावरण के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना है।

3D लेजर शो के साथ होगी ग्रीन आतिशबाजी

देव दीपावली के दिन काशी के चेतसिंह घाट और अन्य प्रमुख स्थलों पर भव्य और आकर्षक 3D लेजर शो का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा फसाड लाइटिंग की व्यवस्था होगी और पर्यावरण को नुकसान से बचाने के लिए प्रदूषण मुक्त ग्रीन आतिशबाजी भी की जाएगी, जिससे गंगा घाटों का नजारा अद्भुत दिखेगा।

20 से 23 नवंबर तक होगा 'गंगा महोत्सव'

देव दीपावली के मुख्य पर्व से ठीक पहले काशी में 20 नवंबर से 23 नवंबर तक 'गंगा महोत्सव' का आयोजन किया जाएगा। यह चार दिवसीय महोत्सव विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों, संगीत और लोककलाओं से सजा होगा। गंगा महोत्सव और देव दीपावली दोनों ही आयोजन वाराणसी की धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान से गहराई से जुड़े हैं।

जानिए लीजिए दीपदान का शुभ मुहूर्त

धार्मिक मान्यताओं और पंचांग के अनुसार, कार्तिक पूर्णिमा पर देव दीपावली के दिन दीपदान के लिए सबसे उत्तम समय शाम का प्रदोष काल माना जाता है। 24 नवंबर को दीपदान का शुभ प्रदोष काल मुहूर्त शाम 05:08 बजे से शुरू होकर रात 07:47 बजे तक रहेगा। इसी दौरान घाटों पर दीये प्रज्वलित किए जाएंगे।

देव दीपावली और गंगा महोत्सव में हर साल देश-विदेश से भारी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक काशी पहुंचते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था, रूट डायवर्जन, ट्रैफिक मैनेजमेंट और नागरिक सुविधाओं को लेकर अभी से व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं, ताकि किसी भी श्रद्धालु को कोई असुविधा न हो। इसके लिए सरकारी अधिकारियों के द्वारा अपने-अपने से प्लानिंग की जा रही है।

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