सांकेतिक फोटो (सोर्स-AI) 
उत्तर प्रदेश

UP STF ने पकड़ा नाइजीरियाई साइबर फ्रॉड गैंग का आरोपी, 10 करोड़ की ड्रग्स और ठगी के सबूत बरामद

Nigerian cyber scam in India: UP STF ने दिल्ली से एक नाइजीरियाई नागरिक को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर साइबर ठगी और ड्रग तस्करी का आरोप है और पास से 10 करोड़ रुपये से ज्यादा की मेथामफेटामाइन बरामद।

अनन्या तिवारी

UP STF Arrests Nigerian National For Cyber Fraud And Drug Trafficking: उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने दिल्ली से एक नाइजीरियाई नागरिक को गिरफ्तार किया है। वह ऑनलाइन धोखाधड़ी का एक रैकेट चला रहा था, जिसमें फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल के जरिए भारतीय पुरुषों और महिलाओं को निशाना बनाया जाता था। आरोपी की पहचान 27 साल के ओबेस प्रॉस्पर के तौर पर हुई है।

मेडिकल वीजा पर आया था भारत

एसटीएफ के मुताबिक, ओबेस प्रॉस्पर साउथ दिल्ली के राजू पार्क में मकान नंबर 2/10 में रह रहा था। पूछताछ के दौरान उसने बताया कि वह 2023 में मेडिकल वीजा पर भारत आया था। वीजा की मियाद खत्म होने के बाद भी वह गैर-कानूनी तरीके से देश में ही रह रहा है।

10 करोड़ से ज्यादा की मेथामफेटामाइन बरामद

एसटीएफ ने उसके पास से 5.085 किलोग्राम मेथामफेटामाइन के साथ-साथ पांच मोबाइल फोन और दो पासपोर्ट भी बरामद किए। अधिकारियों ने बताया कि जब्त किए गए नशीले पदार्थों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 10 करोड़ रुपए से अधिक आंकी गई है।

विदेशी नागरिक बनकर चलाता था साइबर फ्रॉड नेटवर्क

आरोपी ओबेस प्रॉस्पर अमेरिका या यूनाइटेड किंगडम का नागरिक बनकर एक संगठित साइबर फ्रॉड नेटवर्क चलाता था। फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करके भारत और दूसरे देशों के युवा पुरुषों और महिलाओं से दोस्ती की और उनका भरोसा जीतता था।

गिफ्ट पार्सल के नाम पर करता था ठगी

इसके बाद आरोपी पीड़ितों से कहता था कि वह उन्हें महंगे तोहफे या विदेशी मुद्रा वाले पार्सल भेज रहा है। बाद में, खुद को अधिकारी बताकर या अपने साथियों के जरिए, पीड़ितों को बताया जाता था कि पार्सल को एयरपोर्ट पर कस्टम या इनकम टैक्स विभाग ने जब्त कर लिया है और उन्हें छुड़ाने के लिए टैक्स या दूसरे चार्ज देने होंगे। इस तरीके का इस्तेमाल करके गैंग ने कथित तौर पर पीड़ितों से लाखों रुपए ठगे।

लखनऊ के युवक से 68 लाख रुपए ठगने का आरोप

ऐसे ही एक मामले में आरोपी ने कथित तौर पर फेसबुक के जरिए लखनऊ के डालीगंज के एक युवक से दोस्ती की और उससे 68 लाख रुपए ठग लिए। एसटीएफ अधिकारियों ने बताया कि इस धोखाधड़ी को अंजाम देने में आरोपी उचेनवा ने भी मदद की थी। इस घटना के सिलसिले में मदेहगंज पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था और एसटीएफ आरोपी की तलाश कर रही थी।

साइबर ठगी और ड्रग तस्करी सिंडिकेट का खुलासा

पूछताछ के दौरान ओबेस प्रॉस्पर ने बताया कि इस सिंडिकेट में कई अन्य सदस्य भी शामिल थे। उसने माना कि वीजा खत्म होने के बाद भी वह और उसके साथी गैर-कानूनी तरीके से भारत में रह रहे थे और अमेरिकी व ब्रिटिश नागरिक बनकर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए भारतीय और विदेशी नागरिकों से दोस्ती कर उन्हें ठगते थे।

NCB के साथ संयुक्त ऑपरेशन में हुई गिरफ्तारी

अधिकारियों ने बताया कि 15 मई को STF ने दिल्ली में प्रॉस्पर के एक साथी को गिरफ्तार किया था। इसके बाद एजेंसी को जानकारी मिली कि प्रॉस्पर ड्रग तस्करी में भी शामिल था। इस जानकारी के आधार पर STF ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के साथ मिलकर एक संयुक्त ऑपरेशन में आरोपी प्रॉस्पर को गिरफ्तार कर लिया।

-IANS ऐजेंसी इनपुट

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