UP ED Raids Illegal Infiltration: उत्तर प्रदेश में अवैध घुसपैठ को लेकर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। गुरुवार को प्रवर्तन निदेशालय द्वारा 13 जगहों पर बड़ी छापेमारी करने की खबर सामने आई है। यह मामला कथित तौर पर टेरर फंडिंग और अवैध घुसपैठ नेटवर्क से जुड़ा है, जो लगभग दो साल पहले सामने आया।
प्रवर्तन निदेशायलय (ED) कथित टेरर फंडिंग और गैर-कानूनी घुसपैठ नेटवर्क से जुड़े एक मामले में 'प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002' के तहत 13 जगहों पर तलाशी ले रहा है।
यह मामला उत्तर प्रदेश ATS द्वारा दर्ज की गई एक FIR से शुरू हुआ है। इसमें एक संगठित गिरोह के शामिल होने का आरोप है जो रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिकों की भारत में गैर-कानूनी घुसपैठ कराने, उनके लिए नकली भारतीय पहचान पत्र बनवाने और देश के अलग-अलग हिस्सों में उन्हें बसाने में मदद करता था।
जांच में एक गहरे वित्तीय नेटवर्क का पता चला है जिसमें कुछ चैरिटेबल ट्रस्ट और संस्थाएं शामिल हैं। इन पर आरोप है कि उन्हें भारी मात्रा में विदेशी चंदा मिला और उन्होंने गैर-कानूनी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए कई बैंक खातों, 'म्यूल अकाउंट्स' (दूसरे के नाम पर खोले गए खाते) और कई चरणों वाले लेन-देन के जरिए इस पैसे को इधर-उधर किया।
अधिकारियों के मुताबिक, जांच में यह भी पता चला है कि संदिग्ध लोगों को पैसे भेजने के लिए कैश निकालने और छोटी रकम के ट्रांसफर का इस्तेमाल किया गया।
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अधिकारियों ने बताया कि शुरुआत में उत्तर प्रदेश एटीएस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज की थी। मामला मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा होने के बाद ईडी ने इसे अपने हाथों में लिया। एफआईआर में एक संगठित गिरोह का जिक्र है जो कथित तौर पर रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिकों की भारत में अवैध घुसपैठ कराने, उनके लिए जाली भारतीय पहचान दस्तावेज बनवाने और देश के अलग-अलग हिस्सों में उन्हें बसाने में मदद करने में शामिल था।
प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों ने यह आगे बताया कि जांच में संदिग्ध लोगों को नकद निकासी और छोटी रकम के ट्रांसफर के जरिए पैसे भेजने की बात भी सामने आई है। फिलहाल, मामले में आगे की जांच जारी है।