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उत्तर प्रदेश

यूपी हेल्थ रैंकिंग में वाराणसी बना नंबर-1! स्कोर में 30 फिसदी की छलांग, दूसरे नंबर पर लुढका लखनऊ

UP Health Ranking: यूपी हेल्थ रैंकिंग डैशबोर्ड के अगस्त 20 के आंकड़ों में वाराणसी राज्य के सभी जिलों में प्रथम स्थान प्राप्त किया। जुलाई माह की तुलना में इसमें 30 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

नितिन कुमार राय

Uttar Pradesh Health Mission: उत्तर प्रदेश सरकार की ओर जारी यूपी हेल्थ रैंकिंग डैशबोर्ड की अगस्त की रैंकिंग में वाराणसी टॉप पर है। अधिकारियों का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं की लगातार निगरानी और स्वास्थ्य कर्मियों के मिले-जुले प्रयासों की वजह से वाराणसी में सुधार हुआ है। स्वास्थ्य विभाग के उत्तर प्रदेश हेल्थ रैंकिंग डैशबोर्ड के अगस्त 2026 के आंकड़ों के अनुसार, जिले का कुल स्कोर 0.81 था, जो जुलाई की तुलना में 30.65 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी जा रही है। हेल्थ रैंकिंग डैशबोर्ड कई स्वास्थ्य पैमानों के आधार पर जिलों के प्रदर्शन पर नजर रखता है।

कई पैरामीटर के बार रैंकिंग

रैंकिंग डैशबोर्ड में कई पैरामीटर का ध्यान रखा जाता है। जिनमें मां और बच्चे की सेहत, संस्थागत प्रसव, टीकाकरण, परिवार नियोजन, टीबी की सूचना और एचआईवी स्क्रीनिंग शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि अगस्त 2026 में वाराणसी के मुख्य संकेतकों में शामिल हैं।

  • 100% गर्भवती महिलाओं को चार या उससे ज्यादा ANC और हीमोग्लोबिन टेस्ट मिलना

  • 95.95% संस्थागत प्रसव (अस्पताल में डिलीवरी)

  • 31.01% CHC में 70% C-सेक्शन और 65.19% ज़िला अस्पतालों में 30% C-सेक्शन

  • जिले में नवजात शिशुओं के लिए HBNC विजिट का लक्ष्य 100% और पूर्ण टीकाकरण का लक्ष्य 97.98% हासिल किया गया।

  • पेंटावेलेंट-3 और BCG का अनुपात 1.53 था।

  • परिवार नियोजन के स्थायी तरीके को अपनाने की दर प्रति 1000 योग्य जोड़ों पर 1.21 थी परिवार नियोजन के अस्थायी तरीके की दर प्रति 1000 योग्य जोड़ों पर 17.43 थी

  • TB नोटिफ़िकेशन दर 100% और गर्भवती महिलाओं की HIV स्क्रीनिंग 100% रही।

मेडिकल स्टाफ के प्रयास से उपलब्धि

वाराणसी के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एन.पी. सिंह ने कहा कि जनपद की शीर्ष रैंकिंग "स्वास्थ्य सेवाओं की लगातार निगरानी, ​​गुणवत्ता पूर्ण सेवाओं और स्वास्थ्य कर्मियों के समन्वित प्रयासों" का परिणाम है। उन्होंने कहा कि इन रैंकिंग को हर हेल्थ इंडिकेटर में लगातार सुधार के लिए प्रेरणा के तौर पर देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिन इंडिकेटर्स में और सुधार की जरूरत है, उनकी नियमित रूप से समीक्षा की जाएगी और जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

वाराणसी के बाद मुजफ्फरनगर और लखनऊ

सीएमओ ने इस उपलब्धि के लिए सभी मेडिकल अधिकारियों, हेल्थ वर्कर्स, आशा (ASHA) और एएनएम (ANM) के साथ-साथ हेल्थ डिपार्टमेंट के सभी कर्मचारियों को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि हेल्थ सर्विस की क्वालिटी और लोगों की संतुष्टि को प्राथमिकता देते हुए ऐसी कोशिशें जारी रहेंगी। उत्तर प्रदेश हेल्थ रैंकिंग डैशबोर्ड में वाराणसी के बाद मुजफ्फरनगर और लखनऊ का स्थान रहा, जिनका स्कोर एक जैसा था।

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