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लखनऊ में कांग्रेस मुख्यालय के बाहर ‘200 सीट हक है हमारा’ के पोस्टर लगाए गए।
उत्तर प्रदेश विधानसभा की 403 सीटों के बीच कांग्रेस की 200 सीटों की मांग चर्चा में है।
2027 के चुनाव से पहले कांग्रेस और सपा के बीच सीट बंटवारे पर नजर रहेगी।
Congress 200 Seats Demand: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले INDIA गठबंधन के भीतर सीटों को लेकर खींचतान के संकेत मिलने लगे हैं। लखनऊ में कांग्रेस मुख्यालय के बाहर लगे '200 सीट हक है हमारा' के पोस्टर ने सियासी हलचल बढ़ा दी है। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की तस्वीरों वाले इन पोस्टरों को समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के लिए कांग्रेस के मजबूत राजनीतिक दावे के तौर पर देखा जा रहा है।
चर्चा है कि कांग्रेस ने सपा के सामने 200 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है। अगर यह मांग औपचारिक बातचीत में भी बनी रहती है, तो दोनों दलों के बीच सीट बंटवारे का गणित आसान नहीं होगा। अब सवाल है कि 403 सीटों वाले उत्तर प्रदेश में कांग्रेस कितनी सीटों पर दावा करेगी और अखिलेश यादव की पार्टी इस मांग पर क्या रुख अपना
रविवार को लखनऊ स्थित उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (UPCC) मुख्यालय के बाहर '200 सीट हक है हमारा' लिखे पोस्टर लगाए गए। इन पोस्टरों पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा की तस्वीरें भी नजर आईं।
इन पोस्टरों को प्रदेश में कांग्रेस की राजनीतिक महत्वाकांक्षा और विधानसभा चुनाव में ज्यादा सीटों पर लड़ने की मांग से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, पोस्टर लगाए जाने को पार्टी की आधिकारिक सीट-बंटवारा नीति का अंतिम ऐलान नहीं माना जा सकता।
उत्तर प्रदेश विधानसभा में कुल 403 सीटें हैं। ऐसे में कांग्रेस की ओर से 200 सीटों पर दावा गठबंधन की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन सकता है। राजनीतिक चर्चाओं के मुताबिक, कांग्रेस ने समाजवादी पार्टी के सामने इतनी सीटों पर चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है।
अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली सपा पिछले लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में INDIA गठबंधन की प्रमुख पार्टी बनकर उभरी थी। ऐसे में विधानसभा चुनाव के लिए सीटों का बंटवारा दोनों दलों के बीच बातचीत और आपसी सहमति पर निर्भर करेगा। कांग्रेस की मांग कितनी औपचारिक है और सपा इसे किस तरह लेती है, इस पर आगे की राजनीति टिकी रहेगी।
कांग्रेस की इस बढ़ती महत्वाकांक्षा के पीछे 2024 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में उसका प्रदर्शन भी एक वजह माना जा रहा है। उस चुनाव में कांग्रेस ने राज्य की छह लोकसभा सीटें जीती थीं, जबकि समाजवादी पार्टी ने 37 सीटों पर जीत दर्ज की थी। दोनों दलों के गठबंधन ने बीजेपी को कड़ी चुनौती दी थी।
कांग्रेस के प्रदर्शन में सुधार के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच विधानसभा चुनाव में ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ने की मांग तेज होने की चर्चा है। पार्टी संगठन को मजबूत करने और संभावित उम्मीदवारों की स्थिति का आकलन करने की प्रक्रिया भी इस रणनीति का हिस्सा हो सकती है।
रिपोर्टों के मुताबिक, कांग्रेस ने संगठनात्मक मजबूती के आधार पर विधानसभा क्षेत्रों का आकलन करने के लिए A, B, C और D ग्रेडिंग मॉडल का इस्तेमाल किया है।
इसी आधार पर 200 सीटों की मांग तैयार किए जाने की बात कही जा रही है। यदि कांग्रेस वास्तव में 200 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी करती है, तो उसे सपा के साथ सीटों के बंटवारे पर विस्तृत बातचीत करनी होगी। क्योंकि उत्तर प्रदेश विधानसभा में 403 सीटें हैं।
समाजवादी पार्टी ने पिछले लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में मजबूत प्रदर्शन किया था। ऐसे में विधानसभा चुनाव के लिए सीटों का बंटवारा तय करते समय सपा अपने चुनावी आधार और क्षेत्रीय समीकरणों को ध्यान में रखेगी। दूसरी ओर, कांग्रेस भी राज्य में अपना संगठन और राजनीतिक प्रभाव बढ़ाना चाहती है।
दोनों दलों के लिए चुनौती यह होगी कि वे अपनी-अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं के बीच ऐसा समझौता करें, जिससे गठबंधन की एकजुटता पर असर न पड़े। सीटों को लेकर मतभेद बढ़ते हैं या बातचीत के जरिए कोई रास्ता निकलता है, यह आने वाले समय में साफ होगा।
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि कांग्रेस सीट बंटवारे की बातचीत नवंबर के मध्य तक पूरी करना चाहती है। उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा विधानसभा वाला राज्य है और यहां के चुनावी नतीजों का राष्ट्रीय राजनीति पर भी असर पड़ता है।
ऐसे में INDIA गठबंधन के दोनों प्रमुख सहयोगियों के बीच सीटों को लेकर होने वाली बातचीत पर सबकी नजर रहेगी। फिलहाल लखनऊ में लगे '200 सीट हक है हमारा' के पोस्टर ने इस चर्चा को और तेज कर दिया है।