सीएम योगी और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव।  
उत्तर प्रदेश

यूपी में अब भाजपा और सपा के बीच बढ़ेगी तल्खी...लूट की गारंटी के ताजा बयान पर बवाल शुरू

UP News: केंद्रीय संसदीय कार्य और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा है कि मनरेगा योजना रोजगार नहीं, लूट की गारंटी थी। इस कारण विकसित भारत के लिए वीबी जीरामजी को लाया गया है।

रंजन कुमार

BJP and Samajwadi Party: केंद्रीय संसदीय कार्य और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने मंगलवार को लखनऊ में दावा किया कि मनरेगा में 11 लाख करोड़ खर्च होने के बाद भी ग्रामीण इलाकों में विकास नहीं हुआ। यह योजना रोजगार नहीं, लूट की गारंटी थी। ऐसे में विकसित भारत के लिए वीबी जीरामजी को लाया गया है। लोगों तक वीबी जीरामजी का लाभ बताने के लिए सरकार और भाजपा जनता के बीच जाएगी। दरअसल, रिजिजू यहां मनरेगा में फेरबदल कर बनी योजना विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण(वीबी-जीरामजी) की जानकारी देने के लिए आयोजित कार्यक्रम में आए थे।

मंत्री के इस ऐलान के बाद समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता उदयवीर सिंह ने दावा किया कि सपा भी अब जनता के बीच गांवों के विकास को लेकर योगी और मोदी सरकार के झूठ का पर्दाफाश करेगी। आम लोगों को बताएगी कि यूपी सरकार ने गांवों के विकास योजनाओं का 22.27% बजट अब तक खर्च नहीं किया है। ग्रामीणों के हितैषी बनाने ठोंग किया जा रहा।

बजट खर्च करने में सुस्ती क्यों?

उदयवीर और पार्टी के प्रधान प्रवक्ता राजेंद्र सिंह ने मीडिया को गांवों के विकास की योजनाओं में खर्च नहीं किए जा सके बजट भी बताए। दोनों नेताओं के अनुसार प्रदेश में गांवों के विकास को लेकर योगी सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में ग्राम्य विकास विभाग के लिए 24304.31 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया गया था। इसमें से योजनाओं के लिए 22759.99 करोड़ का प्रावधान था। 15 दिसंबर तक विभाग ने योजनाओं के लिए प्रावधानित बजट के मुकाबले 35.98 प्रतिशत यानी 8189.27 करोड़ की ही स्वीकृति जारी की। इसमें से भी 5069.60 करोड़ ही खर्च किए जा सके। जो योजनाओं के लिए प्राविधानित कुल बजट का केवल 22.27 प्रतिशत बैठता है। इससे सरकार के गांवों के विकास का प्रेम जाहिर होता है। उन्होंने कहा कि यह भी साबित होता है कि प्रदेश सरकार अहम योजनाओं के लिए भी बजट खर्च के मामले में कितनी सुस्ती बरती है। दोनों नेताओं ने कहा कि अब यही बात सपा जनता को बताएगी कि मनरेगा योजना कैसे वीबी-जीरामजी से बेहतर है और कैसे वीबी-जीरामजी बड़े उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए लाई गई है।

सपा और भाजपा का सियासी संघर्ष होगा तेज

सपा के इस ऐलान के बाद साफ हो गया है कि यूपी के गांवों में मनरेगा और वीबी-जीरामजी योजना को लेकर योगी सरकार और सपा में सियासी संघर्ष तेज होगा। एक तरह जहां योगी सरकार के मंत्री और एनडीए के सांसद एवं विधायक जनता को यह बताएंगे कि मनरेगा में भ्रष्टाचार होता था। वीबी-जीरामजी में भ्रष्टाचार के सभी रास्तों को बंद किया गया है। इसमें सबकुछ डिजिटल है। वहीं, समाजवादी पार्टी का हर नेता जनता को बताएगा कि इस योजना की गति वही होगी, जो प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की हो रही है।

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