स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और सीएम योगी।  
उत्तर प्रदेश

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की जान को खतरा...प्रशासन के गुंडे संत के वेश में घूम रहे, शिष्य के और क्या आरोप?

Avimukteshwaranand News : यूपी में प्रशासन और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का विवाद गहराता जा रहा है। अब शंकराचार्य के शिष्य ने स्वामी की जान को खतरा तक बता दिया है। इस आरोप पर प्रतिक्रिया नहीं आई है।

रंजन कुमार

UP Avimukteshwaranand News : उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और मेला प्रशासन के बीच छह दिनों से विवाद जारी है। इस बीच उन्होंने शिविर के अंदर और बाहर 12 सीसीटीवी कैमरे लगवाए हैं।

शंकराचार्य के विशेष प्रतिनिधि देवेंद्र पांडे का कहना है कि यह हमारी मजबूरी है, क्योंकि शंकराचार्य सड़क पर बैठे हैं। स्थानीय प्रशासन और उसके गुंडे हैं। वो संत के वेश में शैतान बनकर यहां घूम रहे हैं। उनसे शंकराचार्य की जान को बड़ा खतरा है। रात में आकर वीडियो बनाते हैं। पकड़े जाने पर कहते हैं कि नोटिस देने आए हैं। इन आरोपों पर फिलहाल प्रशासन की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

दो दिनों से अविमुक्तेश्वरानंद की तबीयत खराब

दो दिनों से स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की तबीयत खराब है। उन्होंने कल रात में दवा ली थी। शुक्रवार को उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। उन्हें तेज बुखार आ गया था। इस बीच अविमुक्तेश्वरानंद ने डिप्टी सीएम केशव मौर्य को एक समझदार नेता भी बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्ति को मुख्यमंत्री होना चाहिए। जो समझते हैं कि अधिकारियों से गलती हुई है। जो अकड़ में बैठा हो, उसे मुख्यमंत्री नहीं होना चाहिए। बता दें कि दो दिन पहले यानी 22 जनवरी को डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने कहा था कि शंकराचार्य जी के चरणों में प्रणाम करता हूं। उनसे स्नान करने की प्रार्थना करता हूं। वो इस बात को यहीं खत्म करें। पूरे मामले की जांच कराकर दोषियों पाए जाने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।

विपक्षी दलों ने क्या-कुछ कहां है?

इस पूरे मामले को लेकर विपक्ष लगातार हमलावर है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि किसी भी महात्मा और संत को संगम नदी या किसी नदी में स्नान करने से रोकना अधर्म है। भाजपा सरकार संतों और महात्माओं की विरोधी है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा है कि प्रदेश और केंद्र की भाजपा सरकार को महात्माओं से माफी मांगनी चाहिए।

मौनी अमावस्या पर क्या हुआ था?

18 जनवरी को मौनी अमावस्या पर माघ मेले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पालकी में स्नान करने जा रहे थे। इस दौरान पुलिस ने उन्हें रोका और पैदल जाने के लिए कह दिया। विरोध करने पर उनके शिष्यों से धक्का-मुक्की हुई। इससे नाराज अविमुक्तेश्वरानंद शिविर के बाहर धरने पर बैठ गए। प्रशासन ने अविमुक्तेश्वरानंद को 48 घंटे में दो नोटिस जारी किए।

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