गोंडा रेल हादसा 
उत्तर प्रदेश

गोंडा रेल हादसे में साजिश के संकेत, डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस के लोको पायलट ने सुनी धमाके की आवाज

गोंडा में हुए रेल हादसे में अभी तक 5 लोगों की मौत होने की खबर सामने आ रही है लेकिन लोको पायलट के इस दावे ने सारे समीकरण ही खराब कर दिया है। जिसके बाद देखने वाली बात ये होगी कि लोको पायलट के इस दावे के बाद इस हादसे पर क्या प्रभाव पड़ता है।

शुभम पाठक

लखनऊ: गोंडा रेल हादसा को लेकर एक बड़ा खुलासा सामने आया है जिसमें डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस के लोको पायलट का एक बड़ा दावा सामने आया है जिससे पूरी तरह से खलबली मच गई है। डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस के लोको पायलट ने दावा किया है कि उन्होने हादसे से पहले एक धमाके की आवाज सुनी थी।

ट्रेन के लोको पायलट के धमाके के दावे के बात इस हादसे को अब साजिश का एंगल दिया जा रहा है। रेलवे बोर्ड के अनुसार लोको पायलट का नाम त्रिभुवन है जिसने यह दावा किया है।

हादसा साजिश क्या कहता है दावा

गोंडा में हुए रेल हादसे में अभी तक 5 लोगों की मौत होने की खबर सामने आ रही है लेकिन लोको पायलट के इस दावे ने सारे समीकरण ही खराब कर दिया है। जिसके बाद देखने वाली बात ये होगी कि लोको पायलट के इस दावे के बाद इस हादसे पर क्या प्रभाव पड़ता है।

रेलवे ने किया मुआवजे का ऐलान

हादसे के बाद रेलवे मंत्रालय ने मृतकों और घायलों के लिए मुआवजे का भी ऐलान किया है। रेल मंत्रालय ने जानकारी देते हुए बताया कि मृतकों के परिवार को 10 लाख रुपये गंभीर रूप से घायलों को 2.5 लाख रुपये और मामूली रूप से घायलों को 50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने का ऐलान किया गया है। सीआरएस जांच के अलावा उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं।

गोंडा में रेल हादसा

आज यानी गुरुवार को दोपहर चंडीगढ़ से डिब्रूगढ़ जा रही 15904 चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस उत्तर प्रदेश के गोंडा-मनकापुर रेल रूट पर मोतीगंज-झिलाही स्टेशनों के बीच दुर्घटनाग्रस्त हो गई। यह हादसा दोपहर करीब 2:37 बजे हुआ जब ट्रेन चंडीगढ़ से डिब्रूगढ़ जा रही थी। इस हादसे में ट्रेन के एसी कोच पटरी से उतरकर पलट गए। हादसे में 4 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 20 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। मिली जानकारी के अनुसार हादसे के बाद जहां एक तरफ राहत और बचाव कार्य तेजी से किया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ इस रूट से गुजरने वाली कुछ ट्रेनों का रूट डायवर्ट किया गया है। साथ ही यात्रियों की सुविधा के लिए अलग-अलग स्टेशनों पर हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं।

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