मौलाना मदनी पर भड़कीं साध्वी प्राची, कह दी चुभने वाली बात (फोटो- सोशल मीडिया) 
उत्तर प्रदेश

'गजवा-ए-हिंद का सपना देखने वालों को सीधा 72 हूरों से मिला दो', मौलाना मदनी पर भड़कीं साध्वी प्राची

Sadhvi Prachi ने Maulana Mahmood Madani पर निशाना साधते हुए तीखी टिप्पणी कर दी। उन्होंने कहा कि ये लोग खा हिंदुस्तान का रहे है और कह रहे है कि शोषण हो रहा है। इनकी संख्या 6 प्रतिशत थी जो आज 30 हो गई।

सौरभ शर्मा

Sadhvi Prachi statement on Maulana Madani Controversy: मुजफ्फरनगर में अपनी तेजतर्रार बयानबाजी के लिए मशहूर हिंदूवादी नेत्री साध्वी प्राची ने एक बार फिर ऐसा बयान दिया है जिसने सियासी और सामाजिक हलकों में गर्मी बढ़ा दी है। गीता जयंती के एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचीं साध्वी ने जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रमुख मौलाना महमूद मदनी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सरकार से मदनी का नारको टेस्ट कराने की मांग करते हुए कहा कि ऐसे लोगों के लिए जेल या जमानत नहीं होनी चाहिए। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जांच के बाद इनका सीधा "72 हूरों से मेल" करा देना चाहिए। उनका यह तीखा बयान अब तेजी से चर्चा का विषय बन गया है।

साध्वी प्राची यहीं नहीं रुकीं, उन्होंने मदनी की मानसिकता को राक्षसी प्रवृत्ति का करार दिया। उन्होंने विभाजन के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि बंटवारे के समय जिनकी आबादी महज 6 प्रतिशत थी, आज वो बढ़कर 30 प्रतिशत हो गई है। इसके बावजूद ये लोग दिन-रात शोषण का रोना रोते रहते हैं। साध्वी ने दो टूक कहा कि ये लोग हिंदुस्तान का खाते हैं, यहीं रहकर अपनी जनसंख्या बढ़ा रहे हैं, लेकिन इनका दिल पाकिस्तान के लिए धड़कता है। ऐसे दोहरे चरित्र वालों की मंशा कभी भी देशहित में नहीं हो सकती और इनका असली चेहरा सामने आना ही चाहिए।

देवबंद पर लगाए गंभीर आरोप

हिंदूवादी नेत्री ने सहारनपुर के देवबंद को लेकर भी बेहद गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि महमूद मदनी देवबंद के अंदर आज से नहीं, बल्कि काफी समय से आतंक का अड्डा चला रहे हैं। उनके अनुसार, मदनी भोले-भाले युवाओं को भड़काकर उन्हें 'गजवा-ए-हिंद' बनाने का सपना दिखा रहे हैं। साध्वी ने इसे देश को बांटने और हिंदुस्तान के टुकड़े-टुकड़े करने का एक बड़ा षड्यंत्र बताया। उन्होंने सरकार से कड़ी मांग की है कि इस मामले की गहराई से जांच करके तत्काल ऐसे ठिकानों पर ताला लगा देना चाहिए ताकि देश की सुरक्षा और अखंडता बनी रहे।

स्कूलों में गीता पढ़ाने की वकालत

मुजफ्फरनगर में गीता जयंती समारोह के दौरान साध्वी ने सरकार के सामने एक अहम प्रस्ताव भी रखा। उन्होंने निवेदन किया कि स्कूलों में छोटी बच्चियों और कॉलेज जाने वाली बेटियों को गीता का पाठ अनिवार्य रूप से कराया जाना चाहिए, भले ही वह एक पाठ ही क्यों न हो। उनका मानना है कि गीता के ज्ञान से बच्चों में साहस का संचार होगा और बेटियां अपने धर्म व संस्कृति के प्रति जागरूक बनेंगी। इस दौरान उन्होंने कुरुक्षेत्र के दयानंद महाराज जी के 'हर घर गीता' अभियान और उनके संदेश की भी जमकर सराहना की और इसे समाज के लिए जरूरी बताया।

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