Umesh Pal Murder Trial: बहुचर्चित उमेश पाल हत्याकांड में करीब साढ़े तीन साल बाद न्यायिक प्रक्रिया ने महत्वपूर्ण चरण में प्रवेश किया है। मंगलवार से प्रयागराज की विशेष एससी/एसटी अदालत में मामले का ट्रायल शुरू हुआ। मुकदमे की वादी और मृतक उमेश पाल की पत्नी जया पाल ने अदालत में अपना बयान दर्ज कराया। उन्होंने घटना का सिलसिलेवार ब्यौरा अदालत के सामने रखा और यह भी बताया कि हत्याकांड से जुड़े कई आरोपी अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। जया पाल ने फरार आरोपियों से अपनी जान को खतरा बताते हुए अदालत का ध्यान अपनी सुरक्षा की ओर भी खींचा। जया पाल का बयान इस मुकदमे में अभियोजन पक्ष के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।
24 फरवरी 2023 को प्रयागराज के धूमनगंज क्षेत्र के सुलेम सराय में अधिवक्ता उमेश पाल की उस समय हत्या कर दी गई थी, जब वह अपने घर लौट रहे थे। हमलावरों ने बेहद दुस्साहसिक तरीके से गोलियां और बम चलाए थे। हमले में उमेश पाल के साथ उनके दो सरकारी सुरक्षाकर्मी भी गंभीर रूप से घायल हुए थे। उमेश पाल की हत्या ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था। यह हत्याकांड राजू पाल हत्याकांड की पृष्ठभूमि और उससे जुड़े लंबे आपराधिक विवाद के कारण भी बेहद संवेदनशील माना गया।
हत्याकांड की जांच में माफिया अतीक अहमद, उसके भाई अशरफ और उनके नेटवर्क से जुड़े कई लोगों के नाम सामने आए। पुलिस की कार्रवाई में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि शूटरों और साजिश से जुड़े अन्य आरोपियों पर शिकंजा कसता गया। बाद में अतीक अहमद और अशरफ की अप्रैल 2023 में पुलिस सुरक्षा के बीच गोली मारकर हत्या कर दी गई। हत्याकांड में शामिल शूटरों के भागने और पुलिस मुठभेड़ों ने मामले को और अधिक चर्चित बना दिया। अभियोजन की ओर से मामले में बड़ी संख्या में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
उमेश पाल हत्याकांड में कई आरोपी अभी भी फरार बताए जाते हैं। इनमें पांच-पांच लाख रुपये के इनामी गुड्डू मुस्लिम, साबिर और अरमान के अलावा अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन, अशरफ की पत्नी जैनब फातिमा और आयशा नूरी के नाम भी सामने आते रहे हैं। अगस्त 2026 की रिपोर्टों में भी शाइस्ता, जैनब और आयशा के फरार होने तथा पुलिस की तलाश जारी रहने की जानकारी सामने आई थी।
जया पाल का अदालत में यह कहना कि फरार आरोपियों से उन्हें अब भी जान का खतरा है, मुकदमे की गंभीरता के साथ उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा का मुद्दा भी सामने लाता है। अब अदालत में गवाहों के बयान, दस्तावेजी साक्ष्य और अन्य साक्ष्यों की जांच के साथ यह तय होगा कि अभियोजन द्वारा लगाए गए आरोप किस हद तक न्यायिक कसौटी पर साबित होते हैं। लंबे समय से चर्चित इस हत्याकांड में ट्रायल शुरू होने से पीड़ित परिवार को न्याय की प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद जगी है।