होर्डिंग्स में संदेश (सोर्स-सोशल मीडिया) 
प्रयागराज

संगम नगरी में विधानसभा चुनाव की बढ़ने लगी सरगर्मी; BJP विधायक ने माफिया विरोधी अभियान को बनाया चुनावी मुद्दा

Prayagraj Politics News: पश्चिमी विधानसभा सीट पर BJP विधायक सिद्धार्थ नाथ सिंह ने मिशन 2027 की तैयारियां तेज कर दी हैं। उन्होंने होर्डिंग्स के माध्यम से माफिया विरोधी अभियान को चुनावी मुद्दा बनाया है।

स्निग्धा श्रीवास्तव

Prayagraj Politics Mission 2027: प्रयागराज की राजनीति में मिशन 2027 की आहट अब साफ सुनाई देने लगी है। योगी सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री और शहर पश्चिमी विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक सिद्धार्थ नाथ सिंह ने चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। विधानसभा क्षेत्र में जगह-जगह कराई जा रही वॉल पेंटिंग और लगाए गए होर्डिंग्स ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है। खास बात यह है कि इस बार भी चुनावी नैरेटिव का केंद्र माफिया विरोधी अभियान को बनाया जा रहा है।

"जहां था माफिया का डर, वहां हुआ विकास का सवेरा"

शहर पश्चिमी विधानसभा क्षेत्र में सिद्धार्थ नाथ सिंह की ओर से कराई गई वॉल पेंटिंग्स पर लिखा गया है— "जहां था माफिया का डर, वहां हुआ विकास का सवेरा।" वहीं कई स्थानों पर लगे होर्डिंग्स में संदेश दिया गया है— "सेवा ही मेरा कर्तव्य, माफियाओं का अंत हमारा लक्ष्य।"

इन नारों के जरिए साफ संकेत मिल रहे हैं कि 2027 के विधानसभा चुनाव में सिद्धार्थ नाथ सिंह एक बार फिर कानून व्यवस्था और माफिया विरोधी कार्रवाई को प्रमुख मुद्दा बनाने की तैयारी में हैं। हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी कह चुके हैं कि माफिया के खिलाफ कार्रवाई उनका पसंदीदा विषय है। ऐसे में प्रयागराज में इस मुद्दे को राजनीतिक तौर पर और धार मिलने लगी है।

सिद्धार्थ नाथ सिंह ने बढ़ाई राजनीतिक सक्रियता

प्रयागराज का शहर पश्चिमी क्षेत्र लंबे समय तक माफिया अतीक अहमद के प्रभाव वाला इलाका माना जाता रहा है। चकिया स्थित अतीक का पुश्तैनी घर भी इसी विधानसभा क्षेत्र में है। वर्ष 2017 में पहली बार सिद्धार्थ नाथ सिंह ने इस सीट पर बीजेपी का कमल खिलाया था और 2022 में पहले से अधिक मतों के अंतर से जीत दर्ज कर अपनी पकड़ मजबूत की थी।

हालांकि इस बार मुकाबला सिर्फ विपक्ष से नहीं, बल्कि पार्टी के भीतर भी चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। समाजवादी पार्टी के टिकट पर दो बार चुनाव लड़ चुकीं डॉ. ऋचा सिंह अब बीजेपी में शामिल हो चुकी हैं। वहीं पूर्व विधायक पूजा पाल भी भाजपा खेमे में आ गई हैं। ऐसे में संभावित दावेदारों की बढ़ती संख्या के बीच सिद्धार्थ नाथ सिंह ने समय रहते अपनी राजनीतिक सक्रियता बढ़ा दी है।

माफिया विरोधी अभियान, विकास का दावा और लगातार जनसंपर्क के जरिए सिद्धार्थ नाथ सिंह ने 2027 की चुनावी जमीन तैयार करनी शुरू कर दी है। अब देखना होगा कि शहर पश्चिमी की राजनीति में यह रणनीति उन्हें जीत की हैट्रिक दिला पाती है या फिर मुकाबला पहले से ज्यादा दिलचस्प होने वाला है।

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