अनुज सिंह प्रदेश अध्यक्ष (युवा) भारतीय किसान यूनियन (सोर्स-सोशल मीडिया) 
प्रयागराज

किसानों का बड़ा आंदोलन: 2 जुलाई से संगम में अनिश्चितकालीन जल सत्याग्रह; प्रशासन को दी आर-पार की चेतावनी

Bharatiya Kisan Union Prayagraj: प्रयागराज में भारतीय किसान यूनियन ने 2 जुलाई से संगम पर अनिश्चितकालीन जल सत्याग्रह का ऐलान किया। संगठन ने भ्रष्टाचार समेत कई मुद्दों पर प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोला है

स्निग्धा श्रीवास्तव

Jal Satyagraha Bharatiya Kisan Union Prayagraj: प्रयागराज में भारतीय किसान यूनियन ने प्रशासन के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। संगठन ने घोषणा की है कि आगामी 2 जुलाई से संगम में हजारों किसान अनिश्चितकालीन जल सत्याग्रह शुरू करेंगे। भाकियू का आरोप है कि शंकरगढ़ में दलदल बनी सड़क, एयरपोर्ट थाना क्षेत्र में किसान की जमीन पर कथित अवैध कब्जा, खाद की किल्लत, अघोषित बिजली कटौती और भ्रष्टाचार जैसे गंभीर मुद्दों पर प्रशासन लगातार उदासीन बना हुआ है।

वार्ता और आश्वासनों के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं

प्रदेश अध्यक्ष ( युवा) भारतीय किसान यूनियन अनुज सिंह ने कहा कि कई दौर की वार्ता और आश्वासनों के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, इसलिए अब किसान संगम में जल सत्याग्रह के जरिए आंदोलन करेंगे। भाकियू ने साफ कहा है कि जब तक किसानों की मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

प्राथमिक विद्यालय तक जाने वाली सड़क बनी दलदल

भारतीय किसान यूनियन के मुताबिक शंकरगढ़ के बंधवा गांव में प्राथमिक विद्यालय तक जाने वाली सड़क दलदल में बदल चुकी है, जबकि एयरपोर्ट थाना क्षेत्र में किसान की जमीन पर कथित अवैध कब्जे के मामले में भी प्रशासन कार्रवाई नहीं कर रहा है। संगठन का कहना है कि किसानों को खाद की किल्लत, बिजली संकट और राजस्व संबंधी समस्याओं से भी जूझना पड़ रहा है।

इन्हीं मुद्दों को लेकर 2 जुलाई से दोपहर 12 बजे संगम में अनिश्चितकालीन जल सत्याग्रह शुरू किया जाएगा। भाकियू ने चेतावनी दी है कि जब तक किसानों को न्याय और समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं मिलेगा, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं होगा।

जल सत्याग्रह में शामिल होने का आह्वान

प्रदेश अध्यक्ष ( युवा) भारतीय किसान यूनियन अनुज सिंह ने कहा कि 'तंग आए तो जंग आए' महात्मा टिकैत का यह नारा अब फिर से प्रयागराज की धरती पर गुंजेगा। क्योंकि पिछले तीन महीने से प्रशासन द्वारा किए गए वादे को प्रशासन ने पूरा करने से मना कर दिया है। उन्होंने कहा कि हमारी सारी मांगे सिर्फ फाइलों में दबती जा रही है। इसलिए उन्होंने भारतीय किसान यूनियन के सभी कार्यकर्ताओं में बड़ी संख्या में एकत्रित होकर जल सत्याग्रह में शामिल होने का आह्वान किया है।

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