व्यापारियों का प्रदर्शन (सोर्स- फोटो नवभारत)
मेरठ

मेरठ बंद का नहीं दिखा खास असर; शास्त्री नगर में व्यापारियों ने किया प्रदर्शन, सीएम से करने की मांग पर अड़े

Meerut Bandh Today: मेरठ बंद का शहर के प्रमुख बाजारों में खास असर नहीं दिखा और सदर बाजार व खैरनगर समेत कई बाजार खुले रहे। वहीं शास्त्री नगर में व्यापारियों के प्रदर्शन के कारण पुलिस और RAF तैनात रही।

कपिल सोनी, स्निग्धा श्रीवास्तव

Meerut Traders Protest: दो सितंबर बंद का कोई खास असर जनपद मेरठ में देखने को नहीं मिला। जबकि शहर के लगभग सभी प्रमुख बाजार पूरी तरह खुले रहे। आम दिनों की तरह ही व्यापारिक गतिविधियां सामान्य रूप से चलती नजर आईं। बेगम पुल, आबूलेन, सदर बाजार, लाला का बाजार, शहर सर्राफा बाजार और खैरनगर जैसे बड़े व्यापारिक केंद्रों में दुकानें आम दिनों की तरह खुली रहीं।

बता दें कि संयुक्त व्यापार मंडल और स्थानीय व्यापारिक संगठनों के बड़े गुटों ने इस बंद को अपना समर्थन नहीं दिया था। व्यापारियों का मानना था कि, बार-बार बंद से आम जनता और छोटे दुकानदारों को नुकसान होता है। किसी भी अप्रिय घटना या जबरन दुकान बंद कराने की कोशिशों को रोकने के लिए संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात रहा।

अलग-अलग जगह हंगामा और हुई नारेबाजी

सड़कों पर ऑटो, बसें और अन्य यातायात साधन सामान्य रूप से चलते रहे, जिससे दफ्तर और स्कूल-कॉलेज जाने वाले लोगों को कोई परेशानी नहीं हुई। वहीं, मेरठ के शास्त्री नगर स्थित गुरुद्वारा रोड पर सुबह से ही मेरठ बंद करने का ऐलान करने वाले व्यापारी पहुंचने शुरू हो गए। लेकिन कुछ ही देर में किसी बात को लेकर व्यापारी अलग-अलग हिस्सों में बट गए। जिसके चलते अलग-अलग जगह हंगामा और नारेबाजी होती दिखाई दी। जिसको देखते हुए भारी पुलिस फोर्स, रैपिड एक्शन फोर्स, सीओ, एसपी सिटी और एडीएम सिटी मौके पर मौजूद नजर आए।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मुख्यमंत्री से वार्ता पर अड़े

हालांकि पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों ने मेरठ बंद को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे व्यापारियों से बातचीत करनी चाही लेकिन व्यापारी नहीं माने। लेकिन दोपहर बाद एक अलग कमरे में कुछ व्यापारियों की एसपी सिटी विनायक भोसले और एटीएम सिटी ब्रजेश कुमार सिंह के साथ वार्ता हुई। इस दौरान व्यापारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मुख्यमंत्री से वार्ता पर अड़ गए। व्यापारियों ने साफ कहा कि जब तक उनकी मांगे नहीं मानी जाएगी धरना अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा।दरअसल, शास्त्री नगर सेंट्रल मार्केट और आवास एवं विकास परिषद की कार्रवाई के विरोध में मेरठ बंद का आह्वान किया गया था।

बंद को लेकर शहर के अलग-अलग व्यापारिक संगठनों ने अपना रुख स्पष्ट किया था। संयुक्त व्यापार संघ से जुड़े आबूलेन, सदर बाजार, सदर दाल मंडी, गंज बाजार समेत कई बाजारों ने खुद को बंद से अलग रखने का ऐलान किया था। इसके चलते बुधवार सुबह इन बाजारों में दुकानों के शटर उठने लगे, लेकिन बाजार में सामान्य दिनों जैसी चहल-पहल नजर नहीं आई।

एक दिन पहले की थी प्रेसवार्ता

आवास विकास परिषद की कार्रवाई और अन्य स्थानीय मुद्दों के विरोध में विभिन्न व्यापारिक संगठनों और वयापारी नेताओं द्वारा 2 सितंबर को मेरठ बंद का आह्वान किया गया। दो सितंबर को होने वाले मेरठ बंद को लेकर व्यापारियों ने मंगलवार को प्रेसवार्ता की। इस दौरान उन्होंने बताया कि, उन्हें सैंकड़ों व्यापारियों का सहयोग प्राप्त हो रहा है।

इसलिए दो सितंबर का मेरठ बंद ऐतिहासिक होगा। इस दौरान सुरक्षा फोरम संस्थान मेरठ महानगर के व्यापारियों ने भी 2 सितंबर को मेरठ बंद के आह्वान को समर्थन देने पर सहमति बनी। व्यापारियों ने कहा कि वे सरकार को टैक्स देकर अर्थव्यवस्था में योगदान दे रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद व्यापारियों पर बुलडोजर की कार्रवाई की जा रही है।

व्यापारी संगठनों ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि, व्यापारियों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जल्द स्पष्ट नीति बनाई जाए ताकि व्यापारी सम्मानपूर्वक अपनी आजीविका चला सकें। बैठक में रविन्द्र गुर्जर, कंवल जीत सिंह, अनुज गर्ग, अमित मांगलिक, पवन अग्रवाल, मनोज गुप्ता, ओंकार सिंह, अभयनी कर्दम, सचिन शर्मा और पंकज रस्तोगी सहित अन्य व्यापारी मौजूद रहे।

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