नगर निगम और पुलिस प्रस्तावित टेंपो स्टैंड का निरीक्षण करते हुए (सोर्स-फोटो नवभारत) 
मथुरा

वृंदावन की ट्रैफिक व्यवस्था में होगा सुधार, नगर निगम और पुलिस ने प्रस्तावित टेंपो स्टैंड का किया निरीक्षण

Vrindavan Tempo Stand: वृंदावन में बढ़ती ट्रैफिक और जाम की समस्या को कम करने के लिए नगर निगम और पुलिस ने टेंपो एवं ई-रिक्शा के लिए स्थायी स्टैंड बनाने की पहल के तहत प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण किया।

स्निग्धा श्रीवास्तव

Vrindavan Traffic Management: वृंदावन की बढ़ती यातायात समस्या के समाधान की दिशा में मथुरा-वृंदावन नगर निगम और वृंदावन पुलिस प्रशासन ने महत्वपूर्ण पहल शुरू कर दी है। टेंपो एवं ई-रिक्शा संचालन को सुव्यवस्थित करने के उद्देश्य से बुधवार को अधिकारियों ने वृंदावन सिविल सोसायटी के प्रतिनिधियों के साथ प्रस्तावित पार्किंग एवं स्टैंड स्थल का संयुक्त स्थलीय निरीक्षण किया।

पुराने टेंपो स्टैंड का लिया जायजा

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पुराने टेंपो स्टैंड और पंचायती गौशाला के समीप स्थित स्थान का जायजा लिया। मौके पर उपलब्ध व्यवस्थाओं का अवलोकन करते हुए पाया गया कि यहां पहले से सुलभ शौचालय, पेयजल की प्याऊ और अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाएं मौजूद हैं। ऐसे में इस स्थान को टेंपो और ई-रिक्शा के लिए स्थायी स्टैंड के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।

अनियंत्रित प्रवेश पर रोक लगाने की योजना

अधिकारियों ने बताया कि प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी मिलने के बाद इस स्थान पर टेंपो और ई-रिक्शा चालकों के लिए नियमित स्टैंड बनाया जाएगा। इसके लागू होने के बाद शहर के भीतरी क्षेत्रों में टेंपो के अनियंत्रित प्रवेश पर रोक लगाने की योजना है। यात्री निर्धारित स्टैंड से ही टेंपो और ई-रिक्शा की सुविधा प्राप्त कर सकेंगे, जिससे शहर में लगने वाले जाम में कमी आएगी और यातायात व्यवस्था अधिक सुचारू हो सकेगी।

संयुक्त निरीक्षण में मथुरा-वृंदावन नगर निगम के अपर नगर आयुक्त सीपी पाठक, वृंदावन कोतवाली प्रभारी अश्विनी कुमार तथा वृंदावन सिविल सोसायटी की कोर कमेटी के सदस्य अभय वशिष्ठ, अमित शर्मा, सोहन सिंह सिसोदिया, विष्णु शर्मा और रवि यादव सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों का मानना है कि यदि प्रस्तावित टेंपो एवं ई-रिक्शा स्टैंड को शीघ्र स्वीकृति मिल जाती है तो वृंदावन की यातायात व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार होगा। इससे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी, साथ ही शहर की सड़कों पर अव्यवस्थित यातायात और जाम की समस्या से भी काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है।

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