Mathura Liquor Sales Late-Night: धर्मनगरी मथुरा में शराब बिक्री के नियमों और निर्धारित समय को लेकर एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पुलिस और आबकारी विभाग की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कोतवाली क्षेत्र में जिला अस्पताल पुलिस चौकी के इलाके में पुराने बस अड्डे के सामने स्थित एक मॉडल शॉप का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में रात के समय दुकान का शटर उठाकर शराब की बिक्री किए जाने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
वायरल वीडियो सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि यदि निर्धारित समय समाप्त होने के बाद भी दुकान का शटर उठाकर शराब की बिक्री की जा रही थी, तो मौके पर पुलिस और आबकारी विभाग की निगरानी व्यवस्था कहां थी? जिस स्थान पर मॉडल शॉप संचालित हो रही है, वह शहर के प्रमुख और व्यस्त क्षेत्रों में शामिल है। आसपास पुलिस की आवाजाही भी रहती है और जिला अस्पताल पुलिस चौकी भी अधिक दूर नहीं है। ऐसे में देर रात दुकान खुलने का कथित वीडियो सामने आना सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
शराब की दुकानों के संचालन के लिए शासन और आबकारी विभाग की ओर से निर्धारित समय और नियम तय किए जाते हैं। दुकान संचालकों को इन नियमों का पालन करना अनिवार्य होता है। ऐसे में यदि वायरल वीडियो में दिखाई दे रहा घटनाक्रम जांच में सही पाया जाता है, तो यह गंभीर विषय होगा कि निर्धारित समय के बाद दुकान का शटर क्यों खोला गया और वहां शराब की बिक्री किस परिस्थिति में हुई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर के व्यस्त इलाके में यदि देर रात इस तरह दुकान खुलने की स्थिति सामने आती है, तो अन्य इलाकों में निगरानी व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठना स्वाभाविक है। लोगों ने मामले की जांच कर वास्तविकता सामने लाने की मांग की है।
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर पुलिस और आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कुछ लोगों द्वारा निगरानी में मिलीभगत के आरोप भी लगाए जा रहे हैं, लेकिन इन आरोपों की अभी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए पूरे मामले में निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी मानी जा रही है।
जांच में यह भी देखा जाना चाहिए कि वायरल वीडियो कब और किस स्थान का है, उसमें दिखाई दे रही दुकान वही मॉडल शॉप है या नहीं तथा वीडियो में दिखाई देने वाली गतिविधि निर्धारित नियमों का उल्लंघन करती है या नहीं। यदि नियमों के विपरीत शराब बिक्री की पुष्टि होती है तो दुकान संचालक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई के साथ-साथ संबंधित अधिकारियों की निगरानी व्यवस्था की भी समीक्षा जरूरी होगी।
वायरल वीडियो ने आबकारी विभाग और पुलिस के सामने एक अहम सवाल खड़ा कर दिया है। अब देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग इस वीडियो का संज्ञान लेकर मौके की जांच करते हैं या नहीं। साथ ही यह भी स्पष्ट होना जरूरी है कि क्या दुकान निर्धारित समय के बाद खुली थी और यदि ऐसा हुआ तो इसके लिए जिम्मेदार कौन है।
शहरवासियों की नजर अब पुलिस और आबकारी विभाग की कार्रवाई पर टिकी है। यदि जांच निष्पक्ष तरीके से होती है तो वायरल वीडियो की सच्चाई सामने आने के साथ-साथ देर रात शराब बिक्री के आरोपों पर भी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। वहीं, यदि नियमों का उल्लंघन प्रमाणित होता है तो कार्रवाई से यह संदेश भी जाएगा कि शराब बिक्री के निर्धारित नियमों का उल्लंघन किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस पूरे मामले पर आबकारी विभाग के अधिकारी ने फोन नही उठाया और ना कुछ बोलने को तैयार नहीं है